झारखंड के इस गांव में कोरोना का एक भी मरीज नहीं, ग्रामीणों ने ऐसे रखा खुद को सुरक्षित

झारखंड की हुरलूंग पंचायत में अब तक कोई नहीं हुआ कोरोना संक्रमित.

झारखंड की हुरलूंग पंचायत में अब तक कोई नहीं हुआ कोरोना संक्रमित.

जमशेदपुर की हुरलुंग पंचायत में अब तक कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला. यहां ग्रामीणों ने कई ऐसी सख्तियां रखीं कि उनका गांव कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षित रहा. यहां लुपुंगडीह गांव में लोग कोरोना को लेकर खुद ही सजग हैं. वह घरेलू नुस्खों से सर्दी, बुखार और खांसी का इलाज भी कर लेते हैं.

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जमशेदपुर. झारखंड ( Jharkhand ) के जमशेदपुर ( Jamshedpur) में पिछले हफ्ते तक रोज 1 हजार के पार कोरोना (Corona) केस आ रहे थे. यहां प्रतिदिन 10 से 15 लोग कोरोना से अपनी जान गंवा रहे थे, लेकिन अब यहां कोरोना संक्रमण नियंत्रण में आने लगा है. जमशेदपुर के बारीडीह के विजय गार्डन से आगे हुरलूंग पंचायत में अब तक कोरोना के केस नहीं मिले हैं. यहां एक भी कोरोना मरीज नहीं है और न ही यहां किसी की कोरोना से मौत हुई है. हुरलुंग पंचायत  के लुपुंगडीह गांव में लोग कोरोना को लेकर खुद ही सजग हैं, जिस कारण यहां कोरोना प्रवेश नहीं कर पाया.

कोरोना वायरस से बचने के लिए यहां के लोग खुद से ही सावधानी रखते हैं. वह न कहीं बाहर जाते हैं और किसी को यहां बाहर से गांव में आने नहीं दिया जाता. अगर कोई आता भी है तो उससे पंचायत भवन में 14 दिन के लिए रहना अनिवार्य कर दिया गया है. इस गांव से एक व्यक्ति ही बाहर जा कर सब समान ले आता है. ज्यादातर लोग बाहर जाने ने से बचते हैं. बताया गया है कि यहां लोग हल्की सर्दी, खांसी को घरेलू उपचार से ठीक कर ले रहे हैं. इसके साथ-साथ लोग मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी कर रहे हैं.

इतना एहतियात बरतने के बाद गांव वालों की कुछ शिकायतें भी हैं. गांव के लोगों का आरोप है कि पंचायत या जिला प्रशासन घर- घर जाकर कोरोना महामारी को ले कर कोई भी जानकारी नहीं देते हैं. जिनका घर पंचायत से नजदीक है उनका कहना है कभी-कभी पंचायत भवन में टेस्टिंग होती है. कोरोना वैक्सीन को ले कर वहीं लोगों के मन में अब भी दुविधा है. कुछ लोग 45 वर्ष से ऊपर वाले वैक्सीन का पहला डोज ले चुके हैं. 18 वर्ग से ऊपर वाले अब भी परेशान हैं. लोगों को ऑनलाइन बुकिंग की जानकारी ही नहीं है.

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