करिश्मा-करीना के नाम पर इस गांव के किसान हो रहे मालामाल, चौंकिए मत, जानिए पूरा मामला...

जमशेदपुर के किसानों ने अपने खेत के टमाटर का नाम 
एक्ट्रेस करिश्मा और करीना कपूर के नाम पर रखा है.

जमशेदपुर के किसानों ने अपने खेत के टमाटर का नाम एक्ट्रेस करिश्मा और करीना कपूर के नाम पर रखा है.

जमशेदपुर (Jamshedpur) से सटे पटमदा गांव के किसान (Farmers) कोरोनाकाल में परेशान नहीं, बल्कि जमकर मालामाल हो रहे हैं. करिश्मा-करीना टमाटर ने इनकी किस्मत पलटकर रख दी है.

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जमशेदपुर. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में किसानों (Farmers) ने अपने खेत के टमाटर (Tomatoes) को अलग पहचान दिलाने के लिए अनोखा रास्ता अपनाया है. टमाटर का नाम बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा (Karishma Kapoor) और करीना कपूर (Kareena Kapoor) के नाम पर रखा है. करिश्मा टमाटर थोड़ा हरा होता है, लेकिन करीना बिल्कुल लाल. जमशेदपुर के बाजारों में पहुंचते ही करिश्मा-करीना टमाटर हाथों-हाथों बिक जाते हैं. इससे किसानों को अच्छी कमाई हो रही है. किसानों की माने तो जमशेदपुर के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा के बाजारों में भी करिश्मा-करीना टमाटर का काफी डिमांड है.

जमशेदपुर से सटे पटमदा गांव के किसान कोरोनाकाल में परेशान नहीं, बल्कि जमकर मालामाल हो रहे हैं. करिश्मा-करीना टमाटर ने इनकी किस्मत पलटकर रख दी है. लोगों के बीच टमाटर की मांग इतनी है कि किसानों को सप्लाई देने में पसीने छूट रहे हैं. जमशेदपुर के बाजारों में उतरते ही हाथों-हाथों करिश्मा-करीना टमाटर बिक जा रहे हैं. 20 से 22 रुपये किलो की दर से ये बिक रहे हैं.

पटमदा गांव के किसान टमाटर बेचकर 50 से 60 हजार रुपया महीना कमा रहे हैं.
पटमदा गांव के किसान टमाटर बेचकर 50 से 60 हजार रुपया महीना कमा रहे हैं.


पटमदा गांव के रहने वाले किसान सपन बास्के का कहना है कि कोरोनाकाल में उन्होंने सबकुछ दांव पर लगाकर टमाटर की खेती है. अब उनकी खेत के टमाटर की मांग झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल, ओडिशा में भी है. महीने में टमाटर बेचकर एक किसान को 50 से 60 हजार तक की कमाई कर ले रहे हैं.
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किसान तपन गोराई का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले टमाटर होने के चलते बाजारों में इसकी काफी मांग है. करिश्मा टमाटर थोड़ा हरा होता है, जबकि करीना एकदम लाल. इन्हें 4 से 5 दिन तक बिना सड़े-गले रखा जा सकता है.

किसानों के साथ-साथ गांव की महिलाएं भी टमाटर की खेती से कमाई कर रही हैं. इन्हें खेतों में टमाटर तोड़ने का काम मिलता है. जिससे एक दिन में एक महिला 150 रुपये तक कमा ले रही हैं. ऊपर से टमाटर घर ले जाने के लिए मुफ्त में मिलता है.



जिले के कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार कालिन्दी का कहना है कि टमाटर की खेती में किसानों को विभाग से मदद की जरूरत होगी, तो हर संभव मदद दिया जाएगा.
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