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स्वच्छता में शहरों से आगे निकले जमशेदपुर के कई गांव

स्वच्छता में शहरों से आगे निकले जमशेदपुर के कई गांव

भले ही ये सड़क कच्ची हों, लेकिन ये शहर की पक्की सड़कों से काफी ज्यादा साफ दिखाई पड़ती हैं. इन गांवों के घर कच्चे घरों में भी साफ-सफाई और सजावट देखते ही बनती है.

भले ही ये सड़क कच्ची हों, लेकिन ये शहर की पक्की सड़कों से काफी ज्यादा साफ दिखाई पड़ती हैं. इन गांवों के घर कच्चे घरों में भी साफ-सफाई और सजावट देखते ही बनती है.

भले ही ये सड़क कच्ची हों, लेकिन ये शहर की पक्की सड़कों से काफी ज्यादा साफ दिखाई पड़ती हैं. इन गांवों के घर कच्चे घरों में भी साफ-सफाई और सजावट देखते ही बनती है.

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था 'असली भारत गांवों में बस्ता है' और आजादी के इतने वर्षों बाद भी कहीं न कहीं आज भी यह कहावत सच नजर आती है, क्‍योंकि भारत के गांव असल में शहर की गगनचुंबी इमारतों से कई मामलों में बेहतर हैं.

    अगर बात करें सफाई की तो आज भी हमारे गांव शहरों को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं. आजादी के बाद हमारे देश में कई बदलाव आए हैं. दिन प्रतिदिन नई-नई तकनीकें ईजाद होती रहती हैं. हमारा देश आज चांद और मंगल तक पहुंच गया है, लेकिन कहीं न कहीं आज भी असल भारत गांव में ही बसता है.

    झारखंड के जमशेदपुर जैसे उन्नत शहरों के शहरी और रिहायशी इलाकों से ज्यादा सफाई शहर के बाहर ग्रामीण इलाकों में है. हालांकि कालांतर में कई विकृतियों के कोप के बावजूद यह सुचना हमें सुकून देगी कि हमारा असली भारत सफाई के मामले में अव्वल है.

    कच्ची-पक्की गलियों के बीच गंदगी आपको ढूंढने से नहीं मिलेगी. जहां एक तरफ शहर के पॉश और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग अपने घर के सामने कचरा फेंकने से बाज नहीं आते. वहीं इन ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ग्रामीण केवल घर ही नहीं, बल्कि अपने आस-पास और मुख्य सड़कों को भी साफ और स्वच्छ रखते हैं.

    जमशेदपुर शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र जैसे छोटा बांकी, डेमकाडीह, बेको, विषयडीह, गोडगोडा, बड़ाबांकी, बाबलाडीह, कुद्लु, इन्दुरमाटी जैसे ग्रामीण इलाके शहर के सफाई को मुंह चिढ़ाती दिख रही है. वहीं दूसरी ओर जब एनएच 33 से हम इन गांवों में प्रवेश करते हैं तो कुछ दूर तक सरकारी उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरकर जब गांव तक पहुंच जाता है तो अचानक से ही सड़कों में सफाई नजर आने लगती है.

    भले ही ये सड़क कच्ची हों, लेकिन ये शहर की पक्की सड़कों से काफी ज्यादा साफ दिखाई पड़ती हैं. इन गांवों के घर कच्चे घरों में भी साफ-सफाई और सजावट देखते ही बनती है. घरों की लिपि के बाद यहां रंग-रोगन किया जाता है और इसके बाद सजावट भी की जाती है. घर के बाहरी हिस्सों में कई आकर्षक फूलों के पेड़ लगाए गए हैं, जिससे इन घरों की रौनक में चार चांद लग जाती है.

    ग्रामीणों की माने तो इनका प्रयास रहता है कि वे अपने निवास स्थान और आस-पास के इलाकों में सफाई रखें. और इस कारण से गांव में बीमारियां नहीं फैलती हैं.

    हालांकि शहरों की तरह इन गांवों में कई आधुनिक सुविधाएं तो नहीं हैं, लेकिन यहां लोग प्रकृति से जुड़े ज्यादा नजर आते हैं. इसके साथ ही सबसे ज्यादा गर्व की बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे स्वछ भारत अभियान में ये गांव कई अत्‍याधुनिक शहरों से आगे हैं.

    Tags: Jharkhand news

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