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झारखंड आंदोलन के सिपाहसालार शहीद निर्मल महतो की जयंती आज

झारखंड आंदोलन के सिपाहसालार शहीद निर्मल महतो की जयंती आज

आज पंडित मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का जन्म दिवस तो है ही साथ ही झारखण्ड आंदोलन के एक बड़े सिपाहसालार शहीद निर्मल महतो की भी जयंती है। वही निर्मल दा, जिन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर झारखंड आंदोलन में वो जान फूंकी थी कि पूरा राज्य उनके साथ हो गया था।

आज पंडित मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का जन्म दिवस तो है ही साथ ही झारखण्ड आंदोलन के एक बड़े सिपाहसालार शहीद निर्मल महतो की भी जयंती है। वही निर्मल दा, जिन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर झारखंड आंदोलन में वो जान फूंकी थी कि पूरा राज्य उनके साथ हो गया था।

आज पंडित मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का जन्म दिवस तो है ही साथ ही झारखण्ड आंदोलन के एक बड़े सिपाहसालार शहीद निर्मल महतो की भी जयंती है। वही निर्मल दा, जिन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर झारखंड आंदोलन में वो जान फूंकी थी कि पूरा राज्य उनके साथ हो गया था।

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    आज पंडित मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का जन्म दिवस तो है ही साथ ही झारखण्ड आंदोलन के एक बड़े सिपाहसालार शहीद निर्मल महतो की भी जयंती है। वही निर्मल दा, जिन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर झारखंड आंदोलन में वो जान फूंकी थी कि पूरा राज्य उनके साथ हो गया था।

    लेकिन अपने आंदोलन के परिणाम को देखने के लिए वो जीवित नहीं बचे। जमशेदपुर के बिष्टुपुर, चमरिया गेस्ट हाउस के पास 1987 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी। तब आदिवासी- मूलवासी भाई- भाई का जमाना था और गुरूजी शिबू सोरेन और निर्मल महतो एकता के साथ आंदोलन चला रहे थे।

    तब आदिवासी कुर्मी मिलकर अलग राज्य की लड़ाई लड़ रहे थे, निर्मल दा ने अपना सर्वस्य न्यौछावर कर दिया था। आज की पीढ़ी भले ही उन्हें ठीक से न जान पायी हो, लेकिन आंदोलन के दिनों के उनके मित्र आज भी उन्हें याद करते हैं। आज निर्मल दा की जयंती पर जमशेदपुर के चमरिया गेस्ट हाउस के पास एक सादा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    विभिन्न पार्टियों से जुड़े नेताओं कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी, इसी साल जनवरी में निर्मल दा के भाई और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुधीर महतो का हृदयगति रुकने से मृत्यु हो गई थी। जिनकी बरसी नहीं हुई है, इसी वजह से आज का समारोह औपचारिकतावश मनाया गया। दिवंगत सुधीर महतो की पत्नी सबिता महतो भी अपनी बेटियों के साथ चमरिया गेस्ट हाउस के पास पहुंची और शहीद निर्मल महतो के प्रति अपनी श्रद्धांजलि दी।

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    Tags: Shibu soren

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