छूने भर से जल उठता है मैजिक बल्ब, पावर कट में भी नहीं बुझता

कामदेव बताते हैं कि इस बल्ब के भीतर बैटरी है और एक किट है. ये किट इनवर्टर के यूपीएस की तरह काम करती है. जलने के दौरान बल्ब की बैटरी चार्ज होती रहती है और जब पावर कट होता है तो बैटरी के पावर से बल्ब चार घंटे तक रोशनी देता है.

Anni Amrita | News18 Jharkhand
Updated: July 25, 2019, 1:19 PM IST
छूने भर से जल उठता है मैजिक बल्ब, पावर कट में भी नहीं बुझता
जमशेदपुर के कामदेव ने बनाया मैजिक एलईडी बल्ब
Anni Amrita | News18 Jharkhand
Updated: July 25, 2019, 1:19 PM IST
छूने मात्र से जल जाता है बल्ब. बिजली गई तो भी घर में जलता रहता बल्ब. वो भी एक-आध घंटे नहीं 4 से 5 घंटे तक. बाहर जा रहे हैं तो टॉर्च का काम करता है ये बल्ब. दरअसल जमशेदपुर के कामदेव ने ऐसा मैजिक एलईडी बल्ब बनाया है, जिसमें ये सारे गुण मौजूद हैं. इससे पहले अनोखी साइकिल बनाकर कामदेव ने काफी सुर्खियां बटोरी थी. उसकी माने तो इस बल्ब से उन गरीब परिवारों को काफी मदद मिलेगा, जिनके पास इनवर्टर खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं. ग्रामीण इलाकों में काफी पावर कट होता है. ऐसे में यह बल्ब ग्रामीणों के लिए वरदान जैसा है.

बिजली नहीं रहने पर भी जलता है बल्ब

कामदेव बताते हैं कि इस बल्ब के भीतर बैटरी है और एक किट है. ये किट इनवर्टर के यूपीएस की तरह काम करती है. जलने के दौरान बल्ब की बैटरी चार्ज होती रहती है और जब पावर कट होता है तो बैटरी के पावर से बल्ब चार घंटे तक रोशनी देता है.

kamdev
पत्नी के साथ अपने लैब में कामदेव


कामदेव बताते हैं कि उन्होंने एक दूसरा बल्ब बनाया है, जिसका इस्तेमाल कई तरह से कर सकते हैं. इसके लिए केवल स्विच को ऑन-ऑफ करना पड़ेगा. ऐसा करने से बल्ब की रोशनी बढ़ेगी और घटेगी. रात में इस बल्ब को लोग नाइट बल्ब के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं.

गरीबों के काम आए बल्ब 

आर्थिक रूप से कमजोर कामदेव पान की सोच बहुत बड़ी है. उन्होंने अपने घर में ही एक छोटा सा लैब बना रखा है, जहां इस तरह की अनोखी चीजें वह बनाते रहते हैं. इसमें उनकी पत्नी भी उन्हें मदद करती हैं. मैजिक बल्ब को लेकर कामदेव के पास कई कंपनियों के ऑफर आ रहे हैं, लेकिन कामदेव चाहते हैं कि उनका ये आविष्कार गरीबों के काम आए. सरकार की मदद से गांव- गांव तक यह बल्ब पहुंचे.
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कामदेव को मिले सरकारी मदद

लोगों को कामदेव के दोनों बल्ब पसंद आ रहे हैं. ऑर्डर देकर लोग उनसे बल्ब बनवा रहे हैं. बल्ब पर एक साल की गारंटी है. खराब होने पर कामदेव रीप्लेस कर देते हैं.

लोगों का कहना है कि अगर कामदेव को सरकारी मदद मिल जाए, तो गांव के लोगों के लिए बल्ब वरदान साबित होगा. घंटों पावर कट की समस्या से ग्रामीणों को निजात मिलेगी. इसके लिए मात्र दो से ढाई सौ रुपये खर्च करने होंगे.

इससे पहले अनोखी साइकिल और बाइक बनाकर कामदेव सुर्खियां बटोर चुके हैं.

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First published: July 25, 2019, 1:16 PM IST
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