स्वर्णरेखा और खरकई नदी सूखने के कगार पर, जमशेदपुर में गहराया जल संकट

जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णेरेखा नदी सूखने के कागर पर है. जबकि खरकी नदी में पानी खत्म सा हो गया है. तकरीबन 20 लाख लोगों की प्यास बुझाने वाली ये नदियां अगर सूख गई तो जमशेदपुर में पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा.

Ashish Tiwari | News18 Jharkhand
Updated: April 5, 2019, 11:19 AM IST
स्वर्णरेखा और खरकई नदी सूखने के कगार पर, जमशेदपुर में गहराया जल संकट
जमशेदपुर में गहराया जल संकट
Ashish Tiwari | News18 Jharkhand
Updated: April 5, 2019, 11:19 AM IST
गर्मी की आहट के साथ जमशेदपुर में पानी की परेशानी शुरू हो गई है. शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली स्वर्णरेशा और खरकई नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है. जिससे कई इलाकों के चापाकल और बोरिंग सुख गए हैं. बता दें कि जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णेरेखा नदी सूखने के कागर पर है. जबकि खरकी नदी में पानी खत्म  सा हो गया है. तकरीबन 20 लाख लोगों की प्यास बुझाने वाली ये नदियां अगर सूख गई तो जमशेदपुर में पानी के लिए हाहाकार मच जाएगा.

पानी की बर्बादी को रोकने के लिए निजी संस्था समेत कई लोग जागरुकता अभियान चलाकर लोंगों को जमशेदपुर में पानी की स्थिति और पानी की बर्बादी रोकने की अपील रहे हैं. वहीं एमजीएम कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अखौरी ने सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि मरीजों के इलाज के बाद उन्हें पानी बचाने को लेकर जागरूक करें.


 

जमशेदपुर प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. बता दें कि जमशेदपुर में  रोजाना 357 एमएलडी पानी नदियों से खपत होती है. रेलवे और जुगसलाई जलापूर्ति योजना के तहत खरकई नदी से पानी लिया जाता है. वहीं जुस्को, मानगो और मोहरदा समेत कई इलाकों में जलापूर्ति के लिए स्वर्णरेखा नदी से पानी लिया जाता है.

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