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टाटा स्टील में सबसे ज्यादा हैं 47 समलैंगिक कर्मचारी, कंपनी ने तैयार की ये नई पॉलिसी

कंपनी में  समलैंगिक कर्मचारी अपने पार्टनर को बतौर पति-पत्नी करा सकेंगे दर्ज (फाइल फोटो)

कंपनी में समलैंगिक कर्मचारी अपने पार्टनर को बतौर पति-पत्नी करा सकेंगे दर्ज (फाइल फोटो)

लैंगिक भेदभाव और असमानता दूर करने की पहल के तहत जमशेदपुर (jamshedpur) के टाटा स्टील लिमिटेड (Tata Steel Limited) के 47 अधिकारी और कर्मचारियों ने समलैंगिक होने की जानकारी प्रवंधन को दी.

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    जमशेदपुर. लैंगिक भेदभाव और असमानता दूर करने की पहल के तहत जमशेदपुर के टाटा स्टील लिमिटेड के 47 अधिकारी और कर्मचारियों ने समलैंगिक होने की जानकारी प्रवंधन को दी. लैंगिक भेदभाव और असमानता दूर करने की दिशा में टाटा स्टील ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. टाटा स्टील अब समलैंगिक कर्मचारियों को अपने अन्य कर्मचारियों के बराबर का दर्जा देने जा रही है. उसके लिए ह्यूमन रिसोर्स (एचआर) पॉलिसी में बदलाव कर डायवरिस्टी एंड इन्कलूसन पॉलिसी के दायरे को बढ़ाया गया है. इसके तहत टाटा स्टील के समलैंगिक कर्मचारी अपने पार्टनर का नाम रजिस्टर में दर्ज करा सकेंगे और इस तरह उन्हें भी पति-पत्नी की तरह अन्य सुविधाएं मिलने लगेगी.

    नयी पॉलिसी के तहत समलैंगिक कर्मचारी को मिलेगा फायदा

    दरअसल टाटा स्टील लिमिटेड कंपनी ने समलैंगिक कर्मचारी को अन्य कर्मचारियों के बराबर दर्जा देने के लिए पॉलिसी में बदलाव किया था. कंपनी ने पॉलिसी में बदलाव करते हुए डायवर्सिटी एंड इन्क्लूजन पॉलिसी के दायरे को बढ़ा दिया था. इसके चलते समलैंगिक कर्मचारी दूसरे कर्मचारियों की तरह अपने पार्टनर का नाम रजिस्टर में दर्ज करा सकते हैं. इस तरह उन्हें भी सभी अन्य लोगों की तरह पति- पत्नी से जुड़ी सुविधाएं मिलने लगेंगी. इस पॉलिसी के तहत समलैंगिक कर्मी या ट्रांसजेंडर कर्मी स्वास्थ्य चेक अप, मेडिकल सुविधा, एडॉप्शन लीव, नीव बोर्न पेरेंट और चाइल्ड केयर लीव की सुविधा मिलेगी.

    कंपनी में पहले से ही मौजूद हैं 25 ट्रासजेंडर कर्मचारी

    दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार टाटा स्टील के वीपी (एचआरएम) सुरेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि एलजीबीटीक्यू समुदाय के कर्मचारी अपने पार्टनर के बारे में जानकारी देकर कंपनी की पॉलिसी का लाभ उठा सकते हैं. इस पॉलिसी के तहत समलैंगिक कर्मचारी या ट्रासजेंडर कर्मचारी को सभी मेडिकल सुविधाओं को लाभ मिल सकेगा. सुरेश दत्त ने यह भी बताया कि पहले से ही कंपनी में लगभग 25 ट्रासजेंडर कर्मचारी हैं. उनके लिए री-असाइनमेंट के तहत सर्जरी का मेडिकल खर्च और 30 दिन का स्पेशल लीव का प्रावधान है.

    समलैंगिक कर्मचारी को मिलेगा अन्य लोगों की तरह सम्मान

    उन्होंने ये भी कहा कि नई नीति को सभी कर्मचारियों के बीच बराबरी के योग्य बनाने की दिशा में पहल की गई है. कंपनी के कार्यक्रम में या कॉर्पोरेट सफर में जहां पति- पत्नी एक साथ शरीक हो सकते थे अब समलैंगिक कर्मचारी भी वहां शामिल हो सकेंगे.

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