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विश्व के सर्वश्रेष्ठ रेडियो श्रोता का खिताब है जमशेदपुर के चिन्मय के नाम, 25 देशों का रोज सुनते हैं प्रसारण

Anni Amrita | News18 Jharkhand
Updated: February 14, 2019, 10:31 PM IST
विश्व के सर्वश्रेष्ठ रेडियो श्रोता का खिताब है जमशेदपुर के चिन्मय के नाम, 25 देशों का रोज सुनते हैं प्रसारण
जापान से विश्व के विश्व के सर्वश्रेष्ठ रेडियो श्रोता का खिताब पा चुके चिन्मय महतो

तमाम नेशनल, इंटरनेशनल डे की तरह एक रेडियो-डे भी है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 13 फरवरी को मनाया जाता है. रेडियो का स्वरूप भले ही बदल गया हो लेकिन उसकी जो आत्मा है वो नहीं बदलती. जमशेदपुर के चिन्मय की तो मानो आत्मा रेडियो में ही बसी है.

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अब तो मोबाइल में ही टीवी है, मोबाइल में ही रेडियो है. लेकिन रेडियो को अलग से सुनने का मज़ा ही कुछ और है. आज भी रेडियो के दीवानों की कमी नहीं है. जमशेदपुर के चिन्मय महतो भी रेडियो के दीवानों में एक हैं. वह हर रोज 25 देशों के रेडियो प्रसारण सुनते हैं. नाना प्रकार के पुराने से लेकर नए रेडियो का अमूल्य संग्रह उनके पास है. इतना ही नहीं उन्होंने रेडियो श्रोता क्लब भी बनाया है जिसके सदस्य भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हैं. रेडियो ही उनका जीवन है, अगर यह कहें तो गलत न होगा. विश्व के सर्वश्रेष्ठ श्रोता का खिताह चिन्मय के नाम है.

तमाम नेशनल, इंटरनेशनल डे की तरह एक रेडियो-डे भी है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 13 फरवरी को मनाया जाता है. रेडियो का स्वरूप भले ही बदल गया हो लेकिन उसकी जो आत्मा है वो नहीं बदलती. आज की भागदौड़ की जिंदगी में लोग रेडियो कम ही सुनते हैं लेकिन जमशेदपुर के कदमा के चिन्मय महतो के लिए रेडियो ही जिंदगी और उसका सुकून है. चिन्मय ने 1974 में ही गाइड इंटरनेशनल रेडियो लिसनर क्लब की स्थापना की जिसमें भारत से लेकर कई देशों के लोग सदस्य हैं. हर साल क्लब की ओर से रेडियो की प्रदर्शनी लगाई जाती है. लोगों को हर साल इस प्रदर्शनी
का इंतजार रहता है.

रेडियो श्रोता के तौर पर चिन्मय महतो को कई अवार्ड और सम्मान मिल चुके हैं. 2015 में उन्हें रेडियो जापान ने विश्व के सर्वश्रेष्ठ श्रोता का पुरस्कार दिया था. चीन और जापान की एेम्बेसी में भी उन्हें बुलाकार सम्मानित किया गया है. उसके अलावा कई दूसरे देशों के रेडियो स्टेशन ओर से भी उन्हें काफी सम्मान मिला है. चिन्मय जापान से लेकर रोमानिया तक रेडियो स्टेशन से पत्राचार के माध्यम से अपनी फरमाईशें भेजते हैं. कुल दस देशों में रेडियो प्रसारण में  उनका इंटरव्यू प्रसारित भी हो चुका है. चिन्मय महतो के पास 1965 से लेकर 2011 तक के रेडियो के कई मॉडल उपलब्ध हैं, जिसे वे म्यूजियम की शक्ल दे चुके हैं.

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First published: February 14, 2019, 10:12 PM IST
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