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बीजेपी से निकाले गये ये नेता अब दिल्ली दरबार में रखेंगे अपनी बात

News18 Jharkhand
Updated: December 11, 2019, 5:07 PM IST
बीजेपी से निकाले गये ये नेता अब दिल्ली दरबार में रखेंगे अपनी बात
रतन महतो ने सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों से उनको, अमरप्रीत सिंह काले और अन्य कई लोगों को हाशिए पर रखा गया.

बीजेपी (BJP) से निकाले गए रतन महतो ने साफ कहा है कि उनको अभी तक लिखित में कुछ नहीं मिला है. इसलिए वो जिला भाजपा कार्यालय जाना नहीं छोड़ेंगे.

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जमशेदपुर. पूर्व मंत्री सरयू राय (Saryu Ray), अमरप्रीत सिंह काले, रतन महतो, सुबोध श्रीवास्तव समेत 20 लोगों को बीजेपी (BJP) ने छह सालों के लिए निष्कासित (Expelled) कर दिया. पार्टी से निकाले गए ये नेता अब दिल्ली दरबार में अपनी बात रखेंगे. अमररप्रीत सिंह काले दिल्ली में डेरा डालकर बैठ गए हैं. वहीं युवा भाजपा नेता रतन महतो ने 23 दिसंबर तक चुप रहने के बाद दिल्ली जाकर इस फैसले का विरोध करने की बात कही है. बीजेपी के वैसे कई कार्यकर्ताओं ने इस निष्कासन को असंवैधानिक बताया है, जो फिलहाल पार्टी में हैं. लेकिन आने वाले दिनों में उन पर भी गाज गिराने की आशंका है.

जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट पर सीएम रघुवर दास और निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय की मूंछ की लड़ाई ने भाजपा में घमासान मचा दिया है. भाजपा प्रत्याशी सीएम रघुवर दास की बजाए निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय की मदद करने के आरोप में कई लोगों को पार्टी से निकाल दिया गया है. जमशेदपुर की बात करें तो पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से अमरप्रीत सिंह काले, रतन महतो, सुबोध श्रीवास्तव और अन्य लोगों को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. साथ ही आनेवाले दिनों में अन्य लोगों पर भी गाज गिराने की तैयारी चल रही है.

जमशेदपुर जिला भाजपा महामंत्री अनिल मोदी ने कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने के कारण इन्हें बीजेपी से निकाला गया है. कुछ और लोगों पर आगे गाज गिर सकती है.

वहीं इस निष्कासन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में तीखी प्रतिक्रिया हुई है. निकाले गए रतन महतो ने साफ कहा है कि उनको अभी तक लिखित में कुछ नहीं मिला है. इसलिए वो जिला भाजपा कार्यालय जाना नहीं छोड़ेंगे. रतन ने कहा कि 23 दिसंबर तक चुप रहने के बाद वो इस निष्कासन के खिलाफ दिल्ली जाकर आवाज उठाएंगे.

रतन महतो ने सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों से उनको, अमरप्रीत सिंह काले और अन्य कई लोगों को हाशिए पर रखा गया. पार्टी के जुझारू नेता सह कार्यकर्ता राकेश कुमार ने इनके निष्कासन को ही असंवैधानिक बताया है. उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक पहले कारण बताओ नोटिस दिया जाता है. ताकि आरोपों के घेरे में आने वाला अपना जवाब कम से कम दे सके. जवाब से संतुष्ट न होने पर आगे की कार्रवाई होती है.

(रिपोर्ट- अन्नी अमृता)

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First published: December 11, 2019, 5:06 PM IST
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