Home /News /jharkhand /

आदिवासी संगठनों ने टाटा-हावड़ा रेलवे ट्रैक किया जाम, ट्रेनों में फंसे यात्री

आदिवासी संगठनों ने टाटा-हावड़ा रेलवे ट्रैक किया जाम, ट्रेनों में फंसे यात्री

रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन करते आदिवासी संगठन से जुड़े लोग

रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन करते आदिवासी संगठन से जुड़े लोग

आदिवासी संगठन सरकारी स्कूलों में ओलचिकी भाषा में पढ़ाई की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही झारखंड राज्य की तर्ज पर सीएनटी एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में आदिवासी संगठनों ने टाटा-हावड़ा रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है. ये अदिवासी संगठन सरकारी स्कूलों में ओलचिकी भाषा में पढ़ाई की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही झारखंड राज्य की तर्ज पर सीएनटी एक्ट लागू करने की भी मांग कर रहे हैं.

आदिवासी संगठनों द्वारा रेलवे ट्रैक को बाधित किए जाने से ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह रुक गया है. उड़ीसा और पश्चिम बंगाल की ओर से आने और जानेवाली ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है. जाहिर है कि इससे झारखंड के दैनिक यात्रियों के साथ-साथ आज इमरजेंसी में यात्रा करने वाले यात्रियों को दिक्कत हो रही है.

इन संगठनों ने पश्चिम बंगाल के चार जगहों खेमासुली, बालीचक, दानापुर और मिदनापुर के पास रेलवे ट्रैक को जाम किया है. कई ट्रेनें यहां-वहां ट्रैक पर रूकी हुई हैं. स्टील एक्सप्रेस घाटशिला में और जन शताब्दी एक्सप्रेस खड़गपुर में खड़ी है.

यह भी पढ़ें- पीएम ने चाईबासा मेडिकल कॉलेज का किया शिलान्यास, पूरा हुआ आदिवासियों का सपना

झारखंड से 'आयुष्मान भारत' की शुरुआत, PM बोले- मिला गरीबों की सेवा का मौका 

70 साल में तीन, मोदी सरकार के चार साल में सूबे को पांच मेडिकल कॉलेज: CM रघुवर

पूर्व मंत्री बोलीं- आयुष्मान भारत से गरीबों को नहीं, निजी अस्पतालों को मिलेगा लाभ

Tags: Indian railway, Jharkhand news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर