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डैम का फाटक बंद रखने से डूब गए खेत, गल गईं दस बीघा खेत में लगी सब्जियां

Prabhanjan kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: July 17, 2017, 6:59 PM IST
डैम का फाटक बंद रखने से डूब गए खेत, गल गईं दस बीघा खेत में लगी सब्जियां
पानी डूब बर्बाद हो गई खेती
Prabhanjan kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: July 17, 2017, 6:59 PM IST
जमशेदपुर के घाटशिला में स्वर्णरेखा नदी किनारे बसे उल्दा पंचायत के गांव के किसानों की खेती पानी में डूब गई है. खेत में पानी भरने के कारण हजारों का नुकसान किसानों का हुआ है. खेतों में पानी भरने का कारण गालूडीह डैम बराज का फाटक बंद होना बताया जा रहा है. इस वजह से नदी में पानी भर गया और यही पानी नदी किनारे गांव के किसानों के खेत में घुस गया. इस वजह से करीब दस बीघा खेत में लगी हरी सब्जियां गल गईं.

नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा के लिए किसान सरकार से गुहार लगा रहे है. लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. किसान निर्मल कुमार सिंह, जीत कुमार सिंह और सुर्दशन कुमार सिंह बताते हैं कि 2012 से इनके खेत डूब रहे हैं. कई बार स्वर्णरेखा परियोजना के कार्यपालक अभियंता को लिखित
शिकायत की गई और उनसे गुहार लगाई गई. मगर उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया.

इस वजह से हर साल प्रत्येक किसान को 60 हजार का नुकसान होता है. नदी किनारे गांव होने के कारण जनप्रतिनिधियों का भी कम आना होता है. इस वजह से भी किसानों की आवाज उठ नहीं पा रही है. बता दें कि गालूडीह डैम में करीब एक माह से अधिक पानी भरा रहेगा और तबतक इन किसानों के खेत भी पानी में डूबे रहेंगे.

बीते पांच सालों से इन किसानों को हजारों का नुकसान हो रहा है. लेकिन अब तक न ही प्रखंड और न ही जिला से कोई अधिकारी ने नुकसान का आकलन करने का प्रयास किया. गालूडीह डैम का जो पानी किसानों को जीवन देने का काम कर रहा है वही पानी कुछ किसानों की खेतों में मेहनत पर पानी भी फेर रहा है.
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