आखिर क्या है जमशेदपुर के मानगो उपद्रव का सच

मानगो उपद्रव के पीछे कौन सी शक्तियां थीं. आखिर डीआईजी-कमिश्नर की रिपोर्ट में क्या निकला? क्या मुस्लिम एकता मंच के नेताओं ने ही भीड़ बुलाकर उपद्रव कराया या फिर कुछ और शक्तियां भी काम कर रही थीं? ये सवाल घटना के इतने दिनों बाद भी अनुत्तरित हैं.

Anni Amrita | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: June 23, 2017, 12:57 PM IST
आखिर क्या है जमशेदपुर के मानगो उपद्रव का सच
मंत्री सरयू राय
Anni Amrita | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: June 23, 2017, 12:57 PM IST
मानगो उपद्रव के पीछे कौन सी शक्तियां थीं. आखिर डीआईजी-कमिश्नर की रिपोर्ट में क्या निकला? क्या मुस्लिम एकता मंच के नेताओं ने ही भीड़ बुलाकर उपद्रव कराया या फिर कुछ और शक्तियां भी काम कर रही थीं? ये सवाल घटना के इतने दिनों बाद भी अनुत्तरित हैं.

ईदगाह मैदान में जुटी थी हजारों की भीड़

18 मई को सरायकेला और जमशेदपुर में बच्चा चोर के अफवाह में हुई सात हत्याओं के बाद जमशेदपुर उबल पड़ा. कुछ लोगों ने इन घटनाओं को सांप्रदायिक रंग देते हुए 20 मई को मानगो में उपद्रव करा दिया. आनन फानन में मुस्लिम एकता मंच का गठन कर मानगो ईदगाह मैदान में हजारों की भीड़ दो दिनों की तैयारी में एकत्रित करा ली गई. कांग्रेस से जुड़े फिरोज खान, झामुमो से जुड़े बाबर खान और भाजपा से जुड़े आफताब अहमद सिद्दिकी इसके सूत्रधार बने और आज ये नेता मानगो उपद्रव के मामले में फरार आरोपी हैं.

फरार नेताओं की कुव्वत पर सवाल

मंत्री सरयू राय के मुताबिक इन नेताओं में इतनी कुव्वत ही नहीं कि वे हजारों की भीड़ बुला लें. सरयू राय का कहना है कि दो साल पहले भी मानगो में सांप्रदायिक हिंसा की कोशिश हुई थी, इसलिए इस बार उन तत्वों को खोज निकालना चाहिए था जो माहौल बिगाड़ते हैं. लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई. कमिश्नर और डीआईजी की जांच में मानगो उपद्रव की कई घटनाओं का उल्लेख नहीं किया गया. साथ ही ऐसे तत्वों की पड़ताल भी नहीं हुई. मंत्री का कहना है कि जब तक सही मायनों में ऐसे तत्वों की जांच नहीं होगी , रिपोर्ट महज एक खानापूर्ति ही कहलाएगी.

बस पुलिस को नहीं दिखते

फिलहाल फिरोज खान, बाबर खान और आफताब अहमद सिद्दिकी समेत मंच के कई नेता फरार हैं. उनमें से एक कांग्रेस नेता मौलाना अंसार खान तो मज़े में कांग्रेस के कार्यक्रमों में शरीक होते रहते हैं, लेकिन पुलिस को नज़र नहीं आते. वहीं तीन दिन पहले फरार बाबर खान कोर्ट में किसी अन्य मामले में उपस्थित होकर चलते बने. लेकिन कोर्ट में मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें पहचान नहीं पाए.
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बहरहाल, भले ही मंत्री सरयू राय इन नेताओं की कुव्वत पर सवाल खड़े कर रहे हों, लेकिन ये तो सच है ही मुस्लिम एकता मंच के आह्वान पर ही हजारों लोग वहां एकत्रित हुए थे. ऐसे में मंच की जवाबदेही थी कि वो शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करती.
First published: June 23, 2017, 12:57 PM IST
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