जामताड़ा अस्पताल में वीडियो कॉल पर डायलिसिस कर रहा था कंपाउंडर, इंजेक्शन लगाते ही मरीज की मौत
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जामताड़ा अस्पताल में वीडियो कॉल पर डायलिसिस कर रहा था कंपाउंडर, इंजेक्शन लगाते ही मरीज की मौत
कंपाउंडर ने बताया कि उसने मरीज को सूई लगाई, तभी वह अचेत हो गया (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झारखंड के जामताड़ा के सदर अस्पताल में डायलिसिस (Dialysis) के दौरान मरीज की मौत के बाद  हड़कंप मच गया है. दरअसल सरकारी अस्पताल का कंपाउंडर डॉक्टर से वीडियो कॉल पर मिल रहे निर्देशों के मुताबिक़ इस मरीज की डायलिसिस कर रहा था. स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच आदेश दिए हैं.

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जामताड़ा. सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज में लापरवाही का नतीजा क्या होता है, इसका नजारा आज झारखंड के जामताड़ा (Jamtara) में देखने को मिला. जामताड़ा सदर अस्पताल (Government Hospital) में व्यवस्था की लापरवाही ने एक मरीज की जान ले ली. दरअसल, सरकारी अस्पताल का कंपाउंडर वीडियो कॉल (Video call) पर इस मरीज की डायलिसिस (Dialysis) कर रहा था. इसी दौरान मरीज की मौत (Death) हो गई. अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई. मामला संज्ञान में आने पर डीसी ने जांच का आदेश दिया है. मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) बन्ना गुप्ता ने भी दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है.

पीपीपी मोड पर होती है डायलिसिस
जानकारी के मुताबिक जामताड़ा सदर अस्पताल में पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप यानी पीपीपी मोड पर डायलिसिस की सुविधा दी जाती है. संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड को इस अस्पताल में मरीजों की डायलिसिस करने का काम सौंपा गया है. कंपनी के डॉ. मनोज कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देवघर से यह काम कराते हैं. बताया गया कि पिछले 3 महीने में डॉ. मनोज एक बार भी जामताड़ा नहीं आए हैं, लिहाजा यहां कार्यरत कंपाउंडर ही मरीजों की डायलिसिस करता है. आज डायलिसिस के दौरान मरीज की मौत होने के मामले में कंपाउंडर राजू कुमार ने बताया कि उसने मरीज को सुई (injection) लगाई, तभी वह अचेत हो गया. फिर उनकी चेतना वापस नहीं लौटी.‌

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इलाज में लापरवाही की होगी जांच
जामताड़ा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत के मामले से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. जामताड़ा से लेकर राजधानी रांची तक इसको लेकर हलचल मच गई है. मामले को लेकर सरकार के स्वास्थ्य सचिव और मंत्री ने जिले के उपायुक्त (DC) से जानकारी मांगी है. वहीं डीसी गणेश कुमार ने सिविल सर्जन से 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की है. इधर, मरीज की मौत के मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है. स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि पूरी घटना की जांच कराई जाएगी. जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
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