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जामताड़ा के साइबर ठगों का माल लूट रहे अपराधी, नकली पुलिस बनकर घरों में डाल रहे डाका

जामताड़ा के नारायणपुर में 
पिछले एक महीने में साइबर अपराध से जुड़े 4 लोगों के घर में डकैती हो चुकी है.

जामताड़ा के नारायणपुर में पिछले एक महीने में साइबर अपराध से जुड़े 4 लोगों के घर में डकैती हो चुकी है.

Jamtara Cyber Crime: पूरे देश में चर्चित जामताड़ा के साइबर ठगों की नींद अब उड़ी हुई है. साइबर ठगी के जरिए मालामाल हो चुके इनलोगों के पीछे अपराधी पड़ गये. ये अपराधी फर्जी पुलिस वाला बनकर इनके घरों में डकैती को अंजाम दे रहे हैं. सिर्फ नारायणपुर थानाक्षेत्र में साइबर पुलिस बताकर बदमाशों ने 4 घरों में लाखों रुपए की संपत्ति की लूटपाट को अंजाम दिया.

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रिपोर्ट. सुमन भट्टाचार्य

जामताड़ा. साइबर अपराध के गढ़ के रूप में पूरे देश में चर्चित जामताड़ा के साइबर ठगों की नींद अब उड़ी हुई है. यूं तो यहां के साइबर ठग पूरी दुनिया के लोगों को ठग कर लाखों से लेकर करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित कर रहे हैं. जो साइबर ठगी के जरिए मालामाल चुके हैं, उनके अमीर होने का हल्ला होने में देर नहीं होती. ऐसे में अब कुछ अपराधी साइबर पुलिस बनकर उनके साथ ठगी कर रहे हैं. साथ ही घरों में डकैती की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. सिर्फ नारायणपुर थाना क्षेत्र की बात करें तो साइबर पुलिस बता कर अब तक 4 घरों में लाखों रुपए की डकैती हो चुकी है.

जिले का नारायणपुर थाना क्षेत्र साइबर प्रभावित माना जाता है. लगातार डकैती की इन वारदातों से खुद का नाम बदनाम हुआ तो जामताड़ा  साइबर थाने की पुलिस ने भी छानबीन शुरू कर दी. साइबर थाना पुलिस के द्वारा जिन-जिन के यहां डकैती हुई है, उनकी साइबर अपराध में संलिप्तता की भी पड़ताल शुरू हो चुकी है. हालांकि डकैती का अंदाज चौंकाने वाला है.

मिली जानकारी के अनुसार दर्जनभर की संख्या में गैंग के रूप में पहुंच रहे अपराधी देर रात को लोगों के घरों का दरवाजा खटखटा रहे हैं. जब घर के लोग पूछते हैं तो खुद को साइबर थाने की पुलिस बताते हैं. जिसके बाद घर के लोग अगर साइबर थाने कि पुलिस के नाम पर दरवाजा खोल दिया तो ठीक है, और अगर नहीं खोला तो अपराधी दरवाजा खोल कर सीधे घर में दाखिल हो रहे हैं. फिर बंदूक की नोक पर घरवालों को एक कमरे में बंधक बनाकर खोज-खोज कर नकदी तथा आभूषण की लूटपाट कर रहे हैं. इसके बाद घर वालों को कमरे में बंद रखकर ही वे आसानी से रफ्फू चक्कर हो जाते हैं.

साइबर थाना की पुलिस ने जब अनुसंधान शुरू किया तो कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जो लोग डकैती के शिकार हुए उनके साइबर अपराध में संलिप्त होने की जानकारी कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को दी है. जिसके बाद डकैती के शिकार परिवारों के पुराना रिकॉर्ड खंगालने में पुलिस जुट गई है. साथ ही वारदात को अंजाम देने वाले डकैतों की खोजबीन भी जारी है.

आपको बता दें साइबर पुलिस बताकर बीते 11 अप्रैल को सबसे पहले नारायणपुर थाना क्षेत्र के रूपडीह गांव में हीरालाल मंडल के घर में 3.50 लाख की डकैती हुई थी. इसके बाद 20 जून को भेलाटांड़ गांव में पीडीएस दुकानदार हराधन पंडित के घर पर इसी तरह से अपराधियों ने डकैती की घटना की गई थी. वहीं इसके 2 दिन बाद लटैया-डाभाकेंद्र गांव में एक साथ तीन सगे भाइयों के घरों में एक बार फिर साइबर पुलिस बताकर करीब सात लाख की डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया था.

वही इस संबंध में पूछे जाने पर जामताड़ा के एसडीपीओ आनंद ज्योति मिंज ने बताया कि छापेमारी के दौरान साइबर पुलिस के साथ स्थानीय चौकीदार भी शामिल रहते हैं. अचानक कोई खुद को पुलिस बता कर दरवाजा खोलने के लिए कहता है तो लोग सावधानी बरतें. डकैती के पीछे अपराध कारण है. डकैतों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है. जल्द ही डकैतों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा.

Tags: Gangsters and criminals, Jamtara Cyber Crime, Jharkhand news

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