जामताड़ा में कोर्ट के आदेश के बाद भी दलित परिवार की जमीन पर दबंगों ने जमाया कब्जा

इस मुद्दे पर बीजेपी ने धरना देकर प्रशासन पर निशाना साधा

इस मुद्दे पर बीजेपी ने धरना देकर प्रशासन पर निशाना साधा

Jamtara News: चिलचिलाती धूप में आयोजित धरना प्रदर्शन में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पीड़ित परिवार का एक सदस्य घटनास्थल पर ही बेहोश हो गया.

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रिपोर्ट- सुमन भट्टाचार्यजी

जामताड़ा. झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर थानाक्षेत्र के चिरुडीह गांव में दलित परिवार के जमीन पर अवैध कब्जा का मामला सियासी रंग लेता जा रहा है. शुक्रवार को इसके विरोध में बीजेपी (BJP) ने अनुमंडल कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया. इसमें पूर्व मंत्री सह चंदनक्यारी विधायक अमर बाउरी (Amar Bauri) भी उपस्थित थे. पूर्व मंत्री ने दलित परिवार का पुनर्वास कराने सहित दलितों पर हो रहे अत्याचार को बंद करने की मांग की.

चिलचिलाती धूप में आयोजित धरना प्रदर्शन में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पीड़ित परिवार का एक सदस्य घटनास्थल पर ही बेहोश हो गया. हालांकि पानी का छींटा मारकर उन्हें होश में लाया गया. पूर्व मंत्री अमर बावरी ने कहा कि पीड़ित परिवार तथा भाजपा के लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से सभी पदाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया, परंतु उन्हें न्याय नहीं मिला. इसलिए प्रशासन को बताना चाहिए कि एसपीटी के किस प्रावधान के तहत दलितों की जमीन को दूसरों को दे दिया गया. उन्होंने कहा कि अगर दलित परिवार के साथ जरा सी भी किसी प्रकार का गलत कार्य हुआ तो जिम्मेवारी प्रशासन की होगी.

भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास बनाने के पूर्व जमीन का सत्यापन किया जाता है. जब प्रधानमंत्री आवास का निर्माण शुरू हो रहा था, उस समय प्रशासन ने क्यों नहीं देखा कि वह जमीन दलित परिवार का है या नहीं, यह प्रशासन को बताना चाहिए. कहा कि जब न्यायालय के आदेश पर 145 लगाया गया और दलित परिवार को उसके जमीन पर दखल कराया गया तो फिर कैसे कुछ लोगों ने इन लोगों को विस्थापित कर दिया.
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