जामताड़ा: करोड़ों का अस्पताल, फिर भी झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराते हैं ग्रामीण

गेड़िया के इस सरकारी अस्पताल में 4 बजे के बाद कोई नहीं मिलता है.

Jamtara News: ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल के नाम पर आलीशान भवन तो बना दिया गया है, लेकिन चार बजे के बाद में अस्पताल में उन्हें कोई सुविधा ही नहीं मिलती है.

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    रिपोर्ट- सुमन भट्टाचार्य

    जामताड़ा. झारखंड के जमताड़ा जिले के गेड़िया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का आलीशान भवन बनाया गया है. यहां सुविधाओं के नाम पर करोड़ों खर्च किए गए. लेकिन इन सबके बावजूद ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा है. एक चिकित्सक के भरोसे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है.

    ग्रामीणों कहना है कि चार बजे के बाद अस्पताल बंद हो जाता है. जिसके बाद न तो डॉक्टर मिलते है और ना ही कोई मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहते हैं. जिस कारण 4 बजे के बाद इलाज तो दूर दवा भी नहीं मिल पाती है.

    ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल के नाम पर आलीशान भवन तो बना दिया गया है, लेकिन चार बजे के बाद में अस्पताल में उन्हें कोई सुविधा ही नहीं मिलती है. जिसके कारण गांव के झोलाझाप डॉक्टर से जरूरत पड़ने पर इलाज कराने के लिए ग्रामीणों को मजबूर होना पड़ता है.

    आपको बता दें कि अस्पताल संचालन के जिम्मेवारी सिटीजन फाउंडेशन नामक एनजीओ को दी गई है. अस्पताल में एनजीओ की ओर से एक चिकित्सक सरिता कुमारी, तीन नर्स, एक तकनीशियन और दो सुरक्षा गार्ड पदस्थापित किए गए हैं. लेकिन अस्पताल में हम जब पहुंचे तो डॉक्टर की कुर्सी खाली मिली.

    अस्पताल कर्मियों ने बताया कि डॉक्टर की तबियत खराब है जिस वजह से वह नही आई हैं.अब सवाल है कि जब अस्पताल में चिकित्सा के नाम पर करोड़ों खर्च किए गए हैं, तो फिर ग्रामीणों को चार बजे के बाद चिकित्सा सुविधा क्यों नही मिलती है. जबकि अस्पताल में आवासन की सारी सुविधाएं है. पूरे मामले पर पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉ आशा एक्का ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से जांच करवाकर आवश्यक कारवाई किए जाने की बात कही.

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