कांग्रेस विधायक इरफान का विवादित बयान, पूर्व मंत्री अमर बाउरी को कहा- हद में रहो

अमर बाउरी के राज्यपाल से मिलने पर विधायक इरफान अंसारी गरम हो गए

जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने अमर बावरी को चेताते हुए कहा कि दलितों के नाम पर नेतागिरी मत करिए. जब मंत्री थे तो झारखंड की जमीन बेच दी. दलितों की जमीन बेच दी, आदिवासियों का जमीन बेच दी और आज इन पिछड़े समाज के बड़े हितेषी बन रहे हैं. ऐसे फ़र्ज़ी हितैषियों को मैं कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा.

  • Share this:
    सुमन भट्टाचार्य.

    जामताड़ा. हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी की जुबान एक बार फिर फिसली है. उन्होंने पूर्व मंत्री अमर बावरी को साउथ इंडियन गुंडा तक कह दिया. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और जामताड़ा विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी के गुस्सा अमर बावरी पर फूटा. उन्होंने अमर बावरी अपने दायरे में रहने की सलाह दे डाली. उन्होंने कहा कि अमर बावरी आज नकली हितैषी बनकर सामने आ रहे हैं. जामताड़ा विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी ने राज्यपाल से ही अनुरोध कर डाला कि अमर बावरी को बिलकुल समय न दें. दरअसल जामताड़ा के चिरुडीह के पांच दलित परिवारों के उत्पीड़न मामले को लेकर पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने आज पीड़ित दलित परिवारों के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर इंसाफ की गुहार लगाई थी. अमर बाउरी ने कहा कि जामताड़ा के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज पीड़ित परिवारों को इन्साफ दिलाने के बजाए आरोपी दबंग रमजान मियां के साथ अपने घर में बैठक कर रहे हैं जबकि अनुसूचित जनजाति आयोग ने 24 घण्टे में आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था.

    भाजपा नेताओं ने जामताड़ा उपायुक्त पर विधायक इरफान अंसारी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. अमर बाउरी के राज्यपाल से मिलने पर विधायक इरफान अंसारी गरम हो गए और प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमर बावरी अपने दायरे में रहें. उन्होंने कहा, "बीजेपी कार्यकर्ताओं से आंदोलन करवाकर पैसा देकर न्यूज छपवाकर राज्य को बदनाम किया जा रहा है. दिखने में साउथ इंडियन गुंडा लगता है. अरे गुंडा कभी हितैषी नहीं हो सकता. अमर बाउरी फर्जी नेता है.
    भाजपा शासित राज्यों में दलितों की दुर्दशा पर ध्यान दें."

    उन्होंने अमर बावरी को चेताते हुए कहा, "दलितों के नाम पर नेतागिरी मत करिए. जब मंत्री थे तो झारखंड की जमीन बेच दी. दलितों की जमीन बेच दी, आदिवासियों का जमीन बेच दी और आज इन पिछड़े समाज के बड़े हितेषी बन रहे हैं. ऐसे फ़र्ज़ी हितैषियों को मैं कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा."

    आपको बता दें कि जामताड़ा के नारायणपुर थाना क्षेत्र के चिरुडीह के यह पांचों दलित परिवार पिछले एक अप्रैल से 12 दिनों तक गांव के कथित दबंगों रमजान मियां समेत अन्य के द्वारा निकाले जाने को लेकर एसडीओ कोर्ट के समक्ष न्याय के लिए धरने पर बैठे थे. भाजपा विधायक दल के नेता बाबुलाल मरांडी, पूर्व मंत्री अमर बाउरी, सांसद निशिकांत दुबे, सुनील सोरेन, विधायक अनंत ओझा, नवीन जायसवाल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर इंसाफ दिलाने की मांग की थी. अंततः राष्ट्रीय एससी आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलधर और झारखण्ड एससी आयोग के अध्यक्ष शिवधारी राम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात एवं गांव का दौराकर प्रशासन को उनके घर का कब्जा मुक्त करवाने, रुके हुए आवास को निर्माण कराने तथा अपराधियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था.

    पीडित परिवारों को प्रशासन की अभिरक्षा में रखने का निर्देश दिया था जिन्हें फिलहाल जामताड़ा आश्रय गृह में रखा गया है लेकिन उनके भोजन एवं इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है. इसे लेकर पीड़ित परिवारों ने उपायुक्त को फोन किया तो आरोप है कि उन्होंने सहयोग नहीं किया.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.