नाले के पानी पर निर्भर हैं जामताड़ा के ये आदिवासी परिवार

नाले से पानी लाने के लिए इन आदिवासी परिवारों को जान जोखिम में डालकर कई फीट नीचे उतरना पड़ता है.

RP Singh | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 1:20 PM IST
नाले के पानी पर निर्भर हैं जामताड़ा के ये आदिवासी परिवार
नाले के पानी पर निर्भर आदिवासी परिवार
RP Singh | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: February 15, 2018, 1:20 PM IST
जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड के आदिवासी आज भी नाले के पानी का उपयोग करने पर मजबूर हैं. यहां 36 आदिवासी परिवारों के एक गांव में पानी के लिए सरकारी इंतजाम के तहत एक चापाकल लगवाया गया. लेकिन वह 6 महीने पहले खराब हो गया. मरम्मत नहीं होने के चलते यहां के ये आदिवासी परिवार नाले के पानी का उपयोग करने को बेबस हैं.

नाले से पानी लाने के लिए इन आदिवासी परिवारों को जान जोखिम में डालकर कई फीट नीचे उतरना पड़ता है. इनकी माने तो यह नाला उनके लिए जीवनधारा है. इन आदिवासी परिवारों के लिए पानी का एक मात्र स्रोत यही नाला है.

ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी प्रशासन को नहीं है. प्रखंड मुख्यालय के पास ही यह गांव स्थित है. आदिवासियों की माने तो चापाकल खराब होने की सूचना प्रशासन को कई बार दी गई, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई. चापाकल से पहले भी ये लोग पानी के इसी नाले का उपयोग करते थे.

इस गांव में सरकारी सुविधा का आलम यह है कि 36 परिवारों में से मात्र दो बुजुर्गों को वृद्धा पेंशन मिलता है. मजदूरी कर यहां के लोग अपना जीवन चलाते हैं. पानी के लिए पहाड़ी नाले के गंदे पानी पर निर्भर हैं.

 
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर