झारखंड लिंचिंग: चोरी के मामले में पुलिस ने तबरेज का बयान किया था दर्ज, मारपीट का कहीं जिक्र तक नहीं

झारखंड के जमशेदपुर में चोरी करने के शक में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए तबरेज अंसारी को 18 जून को चोरी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 22 जून को तबरेज का अस्पताल में देहांत हो गया.

News18Hindi
Updated: June 25, 2019, 8:58 AM IST
झारखंड लिंचिंग: चोरी के मामले में पुलिस ने तबरेज का बयान किया था दर्ज, मारपीट का कहीं जिक्र तक नहीं
तबरेज अंसारी की फाइल फोटो
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Updated: June 25, 2019, 8:58 AM IST
झारखंड के जमशेदपुर में चोरी करने के शक में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए तबरेज अंसारी के मामले में पुलिस के रोल पर भी सवाल उठ रहे हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भीड़ जब अंसारी को थाने लेकर आई तो पुलिस ने उनका बयान दर्ज किया, लेकिन शिकायत में उन पर हुए हमले का जिक्र तक नहीं किया. बता दें झारखंड में तबरेज से कथित तौर पर 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' कहने का दबाव बनाया गया. हमलावरों ने इस पूरे घटना का वीडियो बनाया भी बनाया था. तबरेज को 18 जून को चोरी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 22 जून को तबरेज का अस्पताल में देहांत हो गया. सोमवार को पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

राज्य के सरायकेला-खरसावां जिले के एसपी कार्तिक एस ने कहा कि जब हमें पिटाई की सूचना मिली तो हमने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया. हमने शुरू में एक आरोपी को गिरफ्तार किया और फिर उसके बाद 10 अन्य को हिरासत में लिया. हमने पाया कि खरसावां थाने के प्रभारी अधिकारी और एक एएसआई ने संवेदनशीलता के साथ मामले को नहीं संभाला. उन्होंने स्थिति के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं बताया.'

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तबरेज के परिवार ने उठाया सावल

इस बीच तबरेज  के परिवार ने पुलिस से इस बात का जवाब मांगा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए गए बयान में तबरेज पर हमले का जिक्र क्यों नहीं है.

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'हमले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में धातकीडीह के कमल महतो द्वारा तबरेज  के खिलाफ प्रारंभिक शिकायत में मोटरसाइकिल चोरी के आरोप का जिक्र नहीं किया गया है. महतो उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें पुलिस ने उनकी लिंचिंग में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया.

एसपी ने कहा,  'हमने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. एक डीएसपी रैंक का अधिकारी इस मामले की जांच कर रहा है और हम सभी तथ्यों की जांच करेंगे. एक संभावना यह भी है कि तबरेज ने अपने कबूलनामे के दौरान पिटाई पर पुलिस से कुछ नहीं कहा.'
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तबरेज के चाचा ने कहा
तबरेज के चाचा मकसूद आलम ने कहा कि वह अपने भतीजे से पुलिस स्टेशन के लॉक-अप में मिले थे और वह बहुत कमजोर था और मुश्किल से बात कर पा रहा था. मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने पुलिस को पिटाई के बारे में कभी नहीं कहा. पुलिस ने जानबूझकर इसे छोड़ दिया. क्या पुलिसवाले अंधे थे, जो उन्होंने यह नहीं देखा कि वह बुरी तरह से पीटा गया था? डॉक्टरों ने उसका दर्द क्यों नहीं देखा?'

बता दें कि 17 जून की रात को कदमडीहा के रहने वाले शम्स तबरेज की सरायकेला-खरसावां जिले के धातकीडीह गांव के ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में पकड़ लिया और बांध कर उसकी पिटाई की. इसके अगले दिन उसे लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने पहले तो घायल तबरेज का इलाज सदर अस्पताल में कराया, बाद में उसे जेल भेज दिया.

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First published: June 25, 2019, 8:57 AM IST
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