लाइव टीवी

बोरियो सीट पर ताला मरांडी की राजनीति पर जेएमएम ने लगाया ताला, लोबिन हेमब्रोम ने लिया बदला
Ranchi News in Hindi

News18Hindi
Updated: December 23, 2019, 10:01 PM IST
बोरियो सीट पर ताला मरांडी की राजनीति पर जेएमएम ने लगाया ताला, लोबिन हेमब्रोम ने लिया बदला
बोरियो विधानसभा सीट से ताला मरांडी AJSU के उम्मीदवार हैं

बीजेपी से टिकट कटने की वजह से ताला मरांडी ने पार्टी बदल ली और वो आजसू के टिकट पर बोरियो से चुनाव मैदान में उतरे

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2019, 10:01 PM IST
  • Share this:
झारखंड में बीजेपी के दिग्गज नेता रहे ताला मरांडी बोरियो सीट पर जीत का सिलसिला जारी नहीं रख सके. जेएमएम के लोबिन हेमब्रोम ने उन्हें हराकर साल 2014 के चुनाव की हार का हिसाब चुकता कर लिया. ताला मरांडी ने 2014 के विधानसभा चुनाव में  झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता लोबिन हेमब्रोम को दूसरी बार हराया था. लेकिन इस बार बीजेपी से टिकट कटने की वजह से ताला मरांडी ने पार्टी बदल ली और वो आजसू के टिकट पर बोरियो से चुनाव मैदान में हैं.

राजमहल लोकसभा क्षेत्र के तहत बोरियो विधानसभा क्षेत्र आता है. झारखंड बनने के बाद साल 2005 में बोरियो विधानसभा क्षेत्र में पहली दफे चुनाव हुआ था. बीजेपी ने ताला मरांडी को यहां से पहली दफे टिकट दिया था. ताला मरांडी ने 2005 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोबिन हेमब्रोम को हराया था. लेकिन साल 2009 में ताला मरांडी को हार का सामना करना पड़ा था. 2009 के विधानसभा चुनाव में लोबिन हेमब्रोम ने वापसी करते हुए ताला मरांडी को हरा दिया. लेकिन ताला मरांडी ने पांच साल बाद साल 2014 के विधानसभा चुनाव में वापसी करते हुए बोरियो सीट पर दुबारा जीत हासिल की. हालांकि बेहद ही कमज़ोर मार्जिन से ताला मरांडी ये चुनाव जीत सके थे. ताला मरांडी 712 वोटों से चुनाव जीत सके थे.

बोरियो विधानसभा इलाके में ताला मरांडी लोकप्रिय बीजेपी नेता माने जाते हैं और उनकी पहचान समाजसेवी की रही. उनकी लोकप्रियता को देखते हुए ही उन्हें झारखंड बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया था. ताला मरांडी का जन्म 1962 को बोआरजीजोर थाना क्षेत्र के बड़ा इटाहारी इलाके में बदन मरांडी के परिवार में हुआ था. ताला मरांडी बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे और उन्होंने 1984 में भागलपुर विश्‍वविद्यालय के मारवाड़ी कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया. छात्र जीवन से ही वो सामाजिक कार्यों में दिलचस्पी रखते थे. तमाम समाजिक संगठनों से जुड़ने के बाद वो राजनीतिक कार्यक्रमों में भी शामिल होने लगे. इलाके में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें बोरिया विधानसभा सीट का टिकट देकर राजनीतिक पहचान दी.

लेकिन साल 2019 के विधानसभा चुनाव में पार्टी नेतृत्व ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी को बोरियो सीट से दोबारा टिकट नहीं दिया. दरअसल, ताला मरांडी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और बीजेपी सरकार की नीतियों की आलोचना के आरोप लगे. मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ उनका खुला विरोध जगजाहिर था. छोटा नागपुर टेनेंसी CNT और संथाल परगना टेनेंसी SPT एक्ट में बदलाव पर खुलेआम नाराजगी जता कर वो अनुशासनात्मक कार्रवाई के निशाने पर आ चुके थे.

वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में राजमहल लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार हेमलाल मुर्मू की हार ने उनके खिलाफ आरोपों को मजबूत करने का काम किया. राजमहल संसदीय सीट से बीजेपी उम्मीदवार हेमलाल मुर्मू की हार की वजह ताला मरांडी की पार्टी विरोधी भूमिका को माना गया. वहीं ताला मरांडी के बेटे के नाबालिग के साथ शादी के मामले के तूल पकड़ने से बीजेपी में उनके खिलाफ माहौल बनता चला गया. जिसके कारण न सिर्फ उनसे अध्यक्ष पद ले लिया गया बल्कि उन्हें बोरियो से टिकट भी नहीं मिला. इसके बाद ताला मरांडी ने जेएमएम में शामिल होने की कोशिश की लेकिन टिकट ने मिलने पर उन्होंने आजसू का हाथ थामा.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रांची से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 23, 2019, 10:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर