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सर्जन ने ओपीडी और ड्यूटी रूम में लगवाए कैमरे, महिला डॉक्‍टर हुईं असहज

Shailendra | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: April 7, 2015, 7:53 AM IST
सर्जन ने ओपीडी और ड्यूटी रूम में लगवाए कैमरे, महिला डॉक्‍टर हुईं असहज
खूंटी के सदर अस्पताल में सिविल सर्जन की एक पहल ने महिला डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी करने में असहज बना दिया है. सिविल सर्जन ने सुरक्षा और ड्यूटी के प्रति डॉक्टरों और स्वास्थकर्मियों को जिम्मेदार बनाने के नाम पर महिला ओपीडी और महिला डॉक्टर ड्यूटी रूम में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं. महिला डॉक्टरों ने इस कदम पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन सिविल सर्जन ने उनकी मांगों को दरकिनार कर कैमरे लगवा दिए.

खूंटी के सदर अस्पताल में सिविल सर्जन की एक पहल ने महिला डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी करने में असहज बना दिया है. सिविल सर्जन ने सुरक्षा और ड्यूटी के प्रति डॉक्टरों और स्वास्थकर्मियों को जिम्मेदार बनाने के नाम पर महिला ओपीडी और महिला डॉक्टर ड्यूटी रूम में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं. महिला डॉक्टरों ने इस कदम पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन सिविल सर्जन ने उनकी मांगों को दरकिनार कर कैमरे लगवा दिए.

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खूंटी के सदर अस्पताल में सिविल सर्जन की एक पहल ने महिला डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी करने में असहज बना दिया है. सिविल सर्जन ने सुरक्षा और ड्यूटी के प्रति डॉक्टरों और स्वास्थकर्मियों को जिम्मेदार बनाने के नाम पर महिला ओपीडी और महिला डॉक्टर ड्यूटी रूम में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं. महिला डॉक्टरों ने इस कदम पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन सिविल सर्जन ने उनकी मांगों को दरकिनार कर कैमरे लगवा दिए.

खूंटी के सदर अस्पताल में जिले के सिविल सर्जन ने डॉक्टरों को ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए आठ सीसीटीवी कैमरे विभिन्न जगहों पर लगवाए हैं, जिसमें महिला ओपीडी और महिला डॉक्टर ड्यूटी रूम, जो उनका चेंजिंग रूम भी होता है, उसमें भी सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए. अस्पताल में कार्यरत सभी महिला डॉक्टरों ने उनकी इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन सिविल सर्जन के आगे उनकी एक नहीं चली.

मामले की जानकारी के बाद जिले के एसडीओ भी देर शाम अस्पताल पहुंचे. जांच के क्रम में उन्होंने भी तीन जगहों पर कैमरे लगाने को सही नहीं मानते हुए तत्काल इसकी जानकारी उपायुक्त को दी, जिसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर तुरंत तीन कैमरों को हटा दिया गया. एसडीओ ने सिविल सर्जन का पक्ष जानने के बाद कोई अगली कार्रवाई इस संबंध में करने की बात कही है.

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्‍यकर्मियों की ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं. ऐसे में सिविल सर्जन की सीसीटीवी कैमरे लगाने की पहल निःसंदेह एक बेहतर कदम साबित हो सकती थी, लेकिन कैमरे को लगाने के जगहों का सही चयन न करने के कारण अब वह विवादों में फंसते नजर आ रहे हैं.

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में एक पक्ष यह भी है कि कैमरे सीसीटीवी हैं, हिडन नहीं.

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First published: April 6, 2015, 9:21 AM IST
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