कल तक पैसों के लिए पति पर निर्भर थी ये महिलाएं, दोना-पत्तल के काम से बदले हालात

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 12, 2017, 10:59 AM IST
कल तक पैसों के लिए पति पर निर्भर थी ये महिलाएं, दोना-पत्तल के काम से बदले हालात
पत्तों से दोने बनाती महिलाएं
ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 12, 2017, 10:59 AM IST
खूंटी की महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक टीम बनाकर पत्तल-दोना बनाने का काम शुरू किया है. दस-दस रुपये जमा कर दस हजार की पूंजी से महिलाओं ने आज पत्तल-दोना बेचकर आज पचास हजार की पूंजी तैयार कर ली है.

पत्तल-दोना स्वरोजगार ने कलश महिला मंडल के 13 महिलाओं के पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी है. कल तक जो महिलाएं 2-4 रुपये के लिए पति पर निर्भर रहती थी आज वे सभी महिलाएं अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ पत्तल दोना के काम करती हुई देखी जा सकती हैं. खूंटी के कर्रा रोड स्तिथ चौधरी तलाब के बगल में रहने वाली सभी कलश महिला मंडल की महिलाएं हर दिन किसी ऑफिस के कर्मियों की तरह पत्ते से दोना-पत्तल बनाने में जुटी रहती हैं.

शादी-ब्याह, बर्थडे और पूजा-पाठ जैसे आयोजन को लेकर पत्तल-दोना की बाजार में भारी मांग रहती है. इसी की बदौलत इन महिलाओं की अपनी घर की जरूरतें और बच्चों की स्कूल फीस भी पूरी हो पाती है. ग्रामीण विकास मंत्री ने इसे सरहानीय पहल बताते हुए कहा कि इन महिलाओं को सरकार रोजगार से जोड़ने का काम करेगी साथ ही बैंक से कम ब्याज दर पर लोन मुहैया कराया जायेगा.
First published: October 12, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर