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खूंटी: जिला प्रशासन ने दिखाई राह, अफीम छोड़ लेमन ग्रास की खेती कर रहे आदिवासी

खूंटी: जिला प्रशासन ने दिखाई राह, अफीम छोड़ लेमन ग्रास की खेती कर रहे आदिवासी

खूंटी के किसान लेमन ग्रास की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं.

खूंटी के किसान लेमन ग्रास की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं.

Khunti News: बीजेपी के पूर्व सांसद करिया मुंडा ने कहा कि ये अच्छी बात है कि खूंटी जैसे इलाके में लेमन ग्रास की खेती हो रही है. लेकिन इसके लिए बाजार का होना भी आवश्यक है.

खूंटी. झारखंड के खूंटी में आदिवासियों (Tribal) को अफीम के विकल्प के रूप में लेमन ग्रास की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा जिले में 100 एकड़ में लेमन ग्रास की खेती करने की योजना बनाई गई है. इसमें से अबतक 75 एकड़ में लेमन ग्रास लगाये जा चुके हैं. 25 एकड़ में खेती का काम जारी है. वहीं जेएसएलपीएस के द्वारा भी जिले में 135 एकड़ में लेमनग्रास की खेती की गई है.

बीजेपी के पूर्व सांसद करिया मुंडा ने कहा कि ये अच्छी बात है कि खूंटी जैसे इलाके में लेमन ग्रास की खेती हो रही है. लेकिन इसके लिए बाजार का होना भी आवश्यक है. किसानों को अपनी फसल बेचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. इस दिशा में सरकार को पहल करनी चाहिए, ताकि और लोग भी लेमनग्रास की खेती से जुड़ सकें. पहले लोग इस इलाके में अफीम उपजाते थे, लेकिन अब लेमन ग्रास उपजा रहे हैं.

जिले डीसी शशि रंजन लेमन ग्रास की खेती देख काफी प्रसन्न हैं. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ये बड़ी सफलता है. लेमन ग्रास की खेती की केस स्टडी कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. डीसी ने कहा कि पहाड़ी और जंगली इलाकों के अनुपयोगी जमीन, जो बेकार पड़े रहते थे, उनका उपयोग अब लेमनग्रास की खेती की जा रही है. यह अच्छी बात है. अब बेकार भूमि ग्रामीणों के आजीविका का साधन साबित हो रही है.

जिले के तमाड़ प्रखंड के कोजरांग गांव के किसान चारा पाहन लेमन ग्रास का प्लांट लगाया है. उन्होंने बताया कि इससे वे खुद लेमन ग्रास से तेल निकालते हैं. और उसे बेचकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. चारा प्रति दिन एक से डेढ़ लीटर तेल निकालते हैं.

उधर, लगभग 20 लाख रुपये की लागत से पूर्वी भारत का सबसे बेहतर आसवन केंद्र जिला प्रशासन द्वारा मुरहू प्रखंड के सुरूंदा गांव में स्थापित किया गया है. जिसकी क्षमता एक टन की है. इसके अलावा अनिगड़ा में भी एक आसवन केंद्र का संचालन जेएसएलपीएस के द्वारा किया जा रहा है. इससे जिले में लेमन ग्रास से तेल निकालने का काम आसान हो गया है.

Tags: Jharkhand news, Khunti district, Opium, Tribal

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