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CM रघुबर दास के सामने एक बार फिर बड़ा इम्तिहान

News18Hindi
Updated: November 19, 2019, 1:10 PM IST
CM रघुबर दास के सामने एक बार फिर बड़ा इम्तिहान
रघुबर दास झारखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं. रघुबर दास के सामने 2019 में एक बार फिर जीत दोहराने की चुनौती है.

रघुवर दास को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने साल 2014 में पार्टी में वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी देकर साफ कर दिया था केन्द्रीय नेतृत्व उन पर पूरी तरह भरोसा करता है. लेकिन उन पर इस बार पहले से भी बड़ी जिम्मेदारी है.

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  • Last Updated: November 19, 2019, 1:10 PM IST
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रघुवर दास झारखंड में बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री हैं. उन्हें साल 2014 में अर्जुन मुंडा ऊपर तरजीह देते हुए मुख्यमंत्री बनाया गया था. साल 2019 में रघुवर दास अपने बड़े सियासी इम्तिहान में पास हो गए. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को झारखंड में 14 में से 11 सीटें मिलीं. ये जीत तस्दीक करती है कि झारखंड में रघुवर दास के नेतृत्व में बीजेपी सरकार के कामकाज को लेकर जनता संतुष्ट है राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है. लोकसभा चुनाव में मिली जीत ने बीजेपी आलाकमान का रघुवरदास के प्रति भरोसा बढ़ाया है. हालांकि, साल 2019 का चुनाव पूरी तरह मोदी का चेहरा सामने रखकर लड़ा गया था लेकिन 2014 के परफॉरमेंस की लगभग पुनरावृति यहां के मुख्यमंत्री की कामकाज की शैली को बयां करती हैं.

रघुवर दास को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने साल 2014 में पार्टी में वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी देकर साफ कर दिया था केन्द्रीय नेतृत्व उन पर पूरी तरह भरोसा करता है. कहते हैं कि आत्मविश्वास से लबरेज़ रघुवर दास ने विधानसभा चुनाव के लिए 81 में से 60 से ज्यादा सीटों पर चुनाव जीतने की योजना बना डाली है. रघुवरदास 1995 से लगातार जमशेदपुर पूर्व से चुनाव लड़ते आ रहे हैं और पांच दफे चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच चुके हैं. बीजेपी और उसके सहयोगियों  द्वारा बनाई गई हर सरकार में रघुवर दास की भूमिका हमेशा से अहम रही है.

रघुवर दास 15 नवंबर 2000 से 17 मार्च 2003 तक श्रम मंत्री रह चुके हैं. इसके बाद  मार्च 2003 से 14 जुलाई 2004 तक  भवन निर्माण मंत्री और 12 मार्च 2005 से 14 सितंबर 2006 तक प्रदेश में वित्त, वाणिज्य और नगर विकास मंत्री रहे.

इसके अलावा 30 दिसंबर 2009 से 29 मई 2010 तक शिबू सोरेन की सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. पार्टी ने उनके लंबे अनुभव और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए दिसंबर 2014 में मुख्यमंत्री बनाकर सम्मानित किया. झारखंड के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में रघुवरदास ने दिसंबर 2014 में शपथ ली.

साल 1955 में जन्मे रघुवर दास की जिंदगी उतार चढ़ाव से भरी रही. कोई ये सोच नहीं सकता कि कैसे एक मामूली से परिवार में जन्में और मजदूर के तौर पर आजीविका अर्जित करने वाला शख्स धीरे-धीरे राज्य का मुख्यमंत्री बन गया. बचपन में अभाव के चलते मजदूरी करना उनके जीवन का हिस्सा बन चुका था और जमशेदपुर के टाटा स्टील मजदूर के रुप में उन्हें काम करना पड़ा था. लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी. इमरजेंसी के दौरान वो जेल भी जा चुके थे. 1977 में रघुवर दास साल जनता पार्टी में शामिल हुए लेकिन साल 1980 में बीजेपी की स्थापना होने के बाद बीजेपी में शामिल हो गए.

कहा जाता है कि पार्टी के तत्कालीन विचारक गोविंदाचार्य ने रघुवर दास को 1995 में चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया था और उन्हें टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था.तब से लेकर अब तक रघुवर दास सफलता के शिखर पर लगातार चढ़ते रहे और साल 2014 में पांचवीं बार जीतकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने में सफल रहे. सीएम की कुर्सी संभालते ही रघुवरदास ने पार्टी का धन्यवाद करते हुए कहा था कि बीजेपी ही वो पार्टी है जिसमें उनके जैसा सामान्य परिवार का व्यक्ति मुख्यमंत्री,राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक बन सकता है.

रघुवरदास ग्रेजुएट हैं और साथ में एलएलबी की भी डिग्री उन्होंने हासिल कर रखा है. लेकिन 59 साल की उम्र में प्रदेश की सत्ता का बागडोर संभाल रहे रघुवर दास के सामने अपनी दूसरी पारी बेहतर परफॉर्म करने की चुनौती है.आने वाले विधानसभा में अगर बीजेपी अपनी योजना के मुताबिक प्रदर्शन कर पाने में कामयाब होती है तो इसका बड़ा श्रेय रघुवरदास को जाएगा और गैरआदिवासी चेहरे को सूबे के मुख्यमंत्री के तौर पर पदस्थापित करने के पार्टी के फैसले पर पूरी तरह मुहर भी लग सकेगा.

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First published: November 19, 2019, 1:10 PM IST
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