नरेंद्र मोदी का 'न' और अमित शाह का 'शा', ये 'नशा' मुक्ति का चुनाव है: दीपांकर भट्टाचार्य
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नरेंद्र मोदी का 'न' और अमित शाह का 'शा', ये 'नशा' मुक्ति का चुनाव है: दीपांकर भट्टाचार्य
दीपांकर भट्टाचार्य, भाकपा माले महासचिव

दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि पहले बीजेपी ने 'मोदी है, तो मुमकिन है' का नारा दिया, अब चौकीदार का ट्रेंड लाया है. लेकिन ये नारे पार्टी को चुनाव में काम आने वाले नहीं हैं.

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कोडरमा में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. झुमरी तिलैया में बूथ स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे दीपांकर ने कहा कि 4 सालों के शासनकाल में भाजपा ने लोगों को डरा कर रखा. लेकिन इस चुनाव में भाजपा खुद डरी हुई है. इसलिए लगातार पार्टी के नारे बदल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पहले बीजेपी ने 'मोदी है, तो मुमकिन है' का नारा दिया, अब चौकीदार का ट्रेंड लाया है. लेकिन ये नारे पार्टी को चुनाव में काम आने वाले नहीं हैं. मीडिया से बात करते हुए दीपांकर ने कहा यह चुनाव, नशा मुक्ति का चुनाव है. नशा यानी नरेंद्र मोदी का न और अमित शाह का शा. उन्होंने कहा कि इन दोनों से लोग त्रस्त हैं और आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा. दीपांकर ने कहा कि भले ही भाजपा को हराने के लिए महागठबंधन एकजुट नहीं हो पाई, लेकिन वोटों के बिखराव को रोकने के लिए वामदलों का प्रयास जारी है.

कोडरमा में दीपांकर भट्टाचार्य ने बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं को चुनावी टिप्स दिए और उन्हें जीत का गुरुमंत्र बताया. कोडरमा से भाकपा माले ने राजकुमार यादव को उम्मीदवार बनाया है.



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