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सावन की अंतिम सोमवारी: शिक्षा मंत्री ने 777 सीढ़ी पहाड़ चढ़कर किया जलाभिषेक

777 सीढ़ी चढ़कर शिक्षा मंत्री ने बाबा भोले पर चढ़ाया जल
777 सीढ़ी चढ़कर शिक्षा मंत्री ने बाबा भोले पर चढ़ाया जल

शिक्षा मंत्री ने झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से पवित्र जल लेकर ध्वजाधारी पहाड़ तक 15 किलोमीटर की यात्रा की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया.

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सावन की अंतिम सोमवारी पर कोडरमा में कांवर यात्रा का आयोजन हुआ. इसमें शिक्षा मंत्री नीरा यादव और बीजेपी सांसद अन्नपूर्णा देवी ने भी हिस्सा लिया. शिक्षा मंत्री ने झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से पवित्र जल लेकर ध्वजाधारी पहाड़ तक 15 किलोमीटर की यात्रा की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया. 20 वर्षों से कोडरमा में सावन की अंतिम सोमवारी पर कांवर यात्रा का आयोजन होता रहा है.

20 साल से जारी है कांवर यात्रा

कांवर यात्रा में न सिर्फ कोडरमा बल्कि आसपास के जिलों के अलावा दूसरे राज्यों के भक्त भी शरीक होते हैं. इस दौरान कांवरिया झुमरी तिलैया के झरनाकुंड से कोडरमा के ध्वजाधारी पहाड़ तक 15 किलोमीटर की पदयात्रा करते हैं. उसके बाद 777 सीढ़ी पहाड़ चढ़कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं.



nira yadav
जलार्पण के बाद प्रसाद वितरण करतीं मंत्री नीरा यादव

जलाभिषेक के बाद शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा कि उन्होंने भगवान भोले से कोडरमा समेत पूरे राज्य के विकास की कामना की.

इस वजह से नाम पड़ा ध्वजाधारी पहाड़

मान्यताओं के अनुसार 14 सौ वर्ष पूर्व त्रेता युग में ब्रह्मा के पुत्र कद्रम ऋषि ने इसी ध्वजाधारी पहाड़ पर तपस्या की थी. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव उन्हें दर्शन दिये थे. शिव ने कद्रम ऋषि को ध्वजा और त्रिशूल भेंट किया था. उसी के बाद इस पहाड़ को ध्वजाधारी पहाड़ कहा जाने लगा.

मुख्य पुजारी महामंडलेश्वर सुखदेव दास बताते हैं कि कद्रम ऋषि के नाम पर ही जिले का नाम कोडरमा पड़ा.

रिपोर्ट- मुकेश कुमार

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