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उज्ज्वला योजना ने कोडरमा की रिंकी की जिंदगी में यूं भरा उजाला

 रिंकी देवी
रिंकी देवी

पड़ोसी सोमती देवी का कहना है कि उज्ज्वला योजना ने जैसे इस घर में जादू कर दिया. रोज-रोज की सास-बहू की किचकिच छू-मंतर हो गई है

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ना सिर्फ पर्यावरण को प्रदूषण से बचा रही है, बल्कि कड़वाहट दूर कर रिश्तों को भी मधुर बना रही है. कोडरमा की रिंकी दे‌वी की जिंदगी अब ससुराल में सुखमय हो गई है, जो पहले किचकिच के बीच गुजरती थी.

कोडरमा के चंदवारा प्रखंड के खाडी पंचायत में साल 2008 में जब रिंकी शादी के बाद ससुराल आई, तो आंखों में तमाम हसीन सपने थे. लेकिन मिट्टी के चूल्हों ने उन सपनों को ससुराल में पहले दिन से ही चकनाचूर करना शुरू कर दिया. मिट्टी के चूल्हे पर खाना और नाश्ता बनाने में रिंकी को घंटों लग जाते थे. इस वजह से सास, ननद से उसके रिश्ते तल्ख होने लगे. ये दौर 2018 तक जारी रहा. तब खत्म हुआ जब इसी साल अप्रैल में उज्ज्वला योजना के तहत घर में गैस सिलेंडर और चूल्हा पहुंचा. अब घंटों के नाश्ता-खाना बनाने का काम मिनटों में पूरा होता है. बचे हुए समय को रिंकी ने सास, ननद से रिश्ते सुधारने में लगाया. चार महीने में तीनों एक-दूसरे के इतने करीब आ गये हैं कि कोई किसी ने बिना एक पल गुजारना नहीं चाहता.

रिंकू की ननंद कोमल कहती हैं कि खासकर बारिश के महीने में जब लकड़ी पर खाना बनता था, तो प्रदूषण के अलावे कई तरह की समस्याएं होती थी. लेकिन उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से उसकी भाभी उसे समय पर खाना दे पाती है.



पड़ोसी सोमती देवी का कहना है कि उज्ज्वला योजना ने जैसे इस घर में जादू कर दिया. रोज-रोज की सास-बहू की किचकिच छू-मंतर हो गई है. बदले में घर में प्यार उमड़ने लगा है.
खाड़ी पंचायत में तकरीबन 400 महिलाओं को गैस कनेक्शन मिला है. जबकि पूरे कोडरमा में अब तक 45 हजार परिवारों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला है. अब उज्ज्वला प्लस योजना के तहत गैस कनेक्शन दिये जा रहे हैं.

(समरेंद्र की रिपोर्ट)

 
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