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आखिर क्यों इस विद्यालय के बच्चें नदी का पानी पीने को हैं मजबूर, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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Neelkamal | News18 Jharkhand
Updated: June 26, 2018, 1:43 PM IST
आखिर क्यों इस विद्यालय के बच्चें नदी का पानी पीने को हैं मजबूर, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
आखिर क्यों इस विद्यालय के बच्चें नदी का पानी पीने को हैं मजबूर, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

पलामू जिले के मनातु प्रखंड का जसपुर गांव जहां जशपुर मध्य विद्यालय के बच्चे पीने के पानी के लिए तरसते हैं.

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पलामू में एक ऐसा विद्यालय जहां पानी की समस्या के कारण बच्चे नदी या कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं. विद्यालय में आज तक चापानल व्यवस्था नहीं हो पाई है.

पलामू जिले के मनातु प्रखंड का जसपुर गांव जहां जशपुर मध्य विद्यालय के बच्चे पीने के पानी के लिए तरसते हैं. विद्यालय के बच्चे या तो कुंऐ का पानी पिते हैं या फिर नदी का पानी पीने को मजबूर हैं. दरअसल आज तक इस विद्यालय में चापानल नहीं लगा पाया है. विद्यालय में चापानल नहीं लगने से की वजह से विद्यालय का मिड डे मील भी कुएं का पानी से ही बनता है जिससे बीमारी का खतरा बना रहता है. सुदूर इलाका होने की वजह से यहां आजतक बोरिंग मशीन नहीं पहुंचा जिसके कारण चापानल की व्यवस्था नहीं हुई.

विद्यालय के बच्चों का कहना है कि रसोइया द्वारा लाये गये कुएं का पानी या फिर कभी-कभार उन्हें नदी का भी पानी भी पीना पड़ता है. विद्यालय के शिक्षक की माने तो विद्यालय में चापानल नहीं होने की वजह से ये हालत है. यही कारण है कि विद्यालय के बच्चे कुएं का पानी पीते हैं. वहीं विद्यालय की रसोइया की माने तो कुआं काफी दूर है जहां से बच्चों और रसोई के लिए पानी लाना पड़ता है. साथ ही उन्होने कहा कि मिड डे मील में इस्तेमाल किए गए बर्तनों को पास के नदी में ले जाकर धोना पड़ता है.

जिले का जसपुर गांव मात्र एक उदाहरण है. ऐसे कई प्रखंड के कई ऐसे गांव हैं जहां आज तक विद्यालय में समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है. पेयजल के अभाव के कारण स्कूल के बच्चे या तो नदी या तो तालाब का पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं. ऐसे में सवाल है कि आखिर सरकार कब तक इन सरकारी विद्यालयों में समुचित व्यवस्था कर पाएगी.

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First published: June 26, 2018, 1:42 PM IST
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