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बेतला नेशनल पार्क: 7 दिन से भूखी थी बाघिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, शिकार के चक्कर में गई जान
Latehar News in Hindi

News18 Jharkhand
Updated: February 18, 2020, 8:49 AM IST
बेतला नेशनल पार्क: 7 दिन से भूखी थी बाघिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, शिकार के चक्कर में गई जान
बेतला नेशनल पार्क में जंगली भैंसों ने बाघिन को मार डाला

बेतला नेशनल पार्क में जंगली भैंसों के झुंड ने एक बाघिन को घेरकर मार डाला. शनिवार शाम बाघिन का शव चतुर बथुआ के पास मिला. मौके पर जंगली भैंसों से लड़ाई के निशान भी मिले.

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लातेहार. बेतला नेशनल पार्क (Betla National Park) में बाघिन (Tigress) की मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) आ गई है. रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि बाघिन सात दिन से भूखी (Hungry) थी. पेट बिल्कुल खाली था. भूख के कारण ही उसने जंगली भैंस (बायसन) के बच्चे को पकड़ने का प्रयास किया. बदले में भैंसों ने उसकी जान ले ली. रिपोर्ट के मुताबिक बाघिन के नाखून और चारों दांत भी नहीं थे. मुंह में साहिल का कांटा पाया गया. बाघिन के महत्वपूर्ण अंगों को फॉरेसिंक जांच (Forensic Check) के लिए भेजा गया है.

जंगली भैंसों ने घेरकर मार डाला 

एक्सपर्ट के मुताबिक जब बाघ या बाघिन अंतिम पड़ाव पर होते हैं, तो वे छोटे जानवरों का ही शिकार करते हैं. दरअसल बेतला नेशनल पार्क में जंगली भैंसों के झुंड ने एक बाघिन को घेरकर मार डाला. शनिवार शाम बाघिन का शव चतुर बथुआ के पास मिला. मौके पर जंगली भैंसों से लड़ाई के निशान भी मिले. पार्क अधिकारियों के मुताबिक बाघिन बूढ़ी हो गई थी. इसलिए अपना बचाव नहीं कर पाई. जानकारी के मुताबिक 15 से 20 भैंसों के झुंड ने पहले बाघिन को दौड़ाया, फिर मार डाला. बाघिन की पीठ और सिर पर जख्म के निशान पाये गये.



14 साल की थी बाघिन 



शनिवार देर शाम जब वनकर्मी पेट्रोलिंग कर रहे थे, तब सड़क के किनारे बाघिन के शव को पड़ा देखा. उनलोगों ने तत्काल इसकी सूचना विभागीय पदाधिकारियों को दी. जिसके बाद क्षेत्रीय निदेशक वाइके दास, आरसीसीएफ मोहनलाल, उपनिदेशक कुमार आशीष समेत कई अधिकारी पहुंचे. पर्यटकों की पार्क में एंट्री पर रोक लगा दी गई. पशु चिकित्सकों की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम कर किडनी और लिवर का बिसरा फॉरेंसिक जांच के लिए रख लिया. इसके बाद शव को जला दिया गया. बाघिन की उम्र 14 साल बताई गई.

पीटीआर क्षेत्र निदेशक वाइके दास ने बताया कि पलामू टाइगर रिजर्व में तीन बाघ होने के प्रमाण मिले थे. उनमें से एक बेतला पार्क की बाघिन थी. बाघिन बूढ़ी हो गई थी. इसलिए जंगली भैंसों से अपना बचाव नहीं कर पाई. और भैंसों ने उसे घेरकर मार दिया.

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First published: February 18, 2020, 8:49 AM IST
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