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इस गांव के लड़कों की नहीं होती थी शादी, अब सीएम हेमंत की पहल पर बदलेगी तस्वीर

News18 Jharkhand
Updated: January 13, 2020, 7:11 PM IST
इस गांव के लड़कों की नहीं होती थी शादी, अब सीएम हेमंत की पहल पर बदलेगी तस्वीर
आजादी के 72 साल बाद भी लोहरदगा के मसियातू गांव में मूलभूत सुविधाओं को घोर अभाव है

अखबार के जरिये जब इस गांव के बारे में सीएम हेमंत सोरेन को जानकारी मिली, तो उन्होंने जिले के उपायुक्त को तत्काल इस गांव में सड़क और पीने के पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया.

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लोहरदगा. झारखंड के लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड का मसियातू गांव आज भी विकास से कोसों दूर है. तुरी समुदाय बहुल इस गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क के नाम पर कुछ भी नहीं है. ओडीएफ घोषित हो चुके इस गांव में शौचालय निर्माण का काम भी आधा-अधूरा पड़ा हुआ है. गांव तक पहुंचने के लिए पगडंडी एक मात्र सहारा है. लिहाजा यहां के लड़कों की शादी नहीं हो रही है. मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते आसपास के गांववाले इस गांव में अपनी बेटी की शादी नहीं करवाना चाहते. अखबार के जरिये जब सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) को इस गांव के इस हाल की जानकारी मिली, तो उन्होंने जिले के उपायुक्त को तत्काल गांव में सड़क और पीने के पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया.

गड्ढों के पानी से गांववालों की बुझती है प्यास

मसियातू गांव में तुरी समाज के करीब सौ परिवार रहते हैं. इन सभी परिवारों की प्यास खेत में बने चुओं (गड्ढों) से बुझती है. अगर देर रात घर में पानी खत्म हो जाता है, तो लोगों को पीने के पानी के लिए
सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है. दरअसल पठार से नीचे बसे इस गांव में जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना रहता है. भालू, बाघ और लोमड़ी आए दिन ग्रामीणों पर हमला करते हैं. और पशुओं को भी अपना शिकार बनाते हैं.

सीएम हेमंत सोरेन का ट्वीट



'वोट दिया, पर परेशानी दूर नहीं हुई'

गांव में पहले प्राथमिक स्कूल था, लेकिन अब उसे भी पास के दूसरे विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है. सड़क नहीं होने के कारण गांव के बच्चे नये स्कूल में नहीं जा पा रहे. बीमार होने की स्थिति में गांववाले खटिया पर लादकर मरीज को 15 किलोमीटर दूर कुडू प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाते हैं. गांववालों का कहना है कि चुनाव के वक्त वे हर बार इस भरोसे पर वोट देते हैं कि उनकी परेशानी दूर होगी. लेकिन अबतक नहीं हो पाई है.

हालांकि अखबार के जरिये जब इस गांव के बारे में सीएम हेमंत सोरेन को जानकारी मिली, तो उन्होंने जिले के उपायुक्त को तत्काल इस गांव में सड़क और पीने के पानी की व्यवस्था करने का ट्वीट कर निर्देश दिया.

रिपोर्ट- गौतम लेनिन

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First published: January 13, 2020, 6:28 PM IST
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