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सुखदेव भगत: 14 साल तक कांग्रेस की सियासत की, अब बीजेपी के लिए लगा रहे जोर

News18 Jharkhand
Updated: November 20, 2019, 1:17 PM IST
सुखदेव भगत: 14 साल तक कांग्रेस की सियासत की, अब बीजेपी के लिए लगा रहे जोर
सुखदेव भगत हाल में ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं.

सुखदेव भगत (Sukhdev Bhagat) ने साल 2005 में राज्य प्रशासनिक सेवा से वीआरएस लेकर सियासत में कदम रखा. उसी साल वो कांग्रेस (Congress) के टिकट पर लोहरदगा सीट पर विधानसभा चुनाव लड़े और जीते.

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लोहरदगा. 14 साल तक कांग्रेस (Congress) की राजनीति करने के बाद सुखदेव भगत (Sukhdev Bhagat) अब बीजेपी (BJP) के हो गये हैं. बीजेपी ने उन्हें लोहरदगा सीट से उम्मीदवार बनाया है. हालांकि इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में सुखदेव भगत कांग्रेस के टिकट पर लोहरदगा सीट से चुनाव लड़े और हारे थे. वो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे हैं. कहा जाता है कि वर्तमान प्रदेश नेतृत्व से तालमेल नहीं बैठने के कारण सुखदेव भगत ने पार्टी छोड़ दी.

सुखदेव भगत ने साल 2005 में राज्य प्रशासनिक सेवा से वीआरएस लेकर सियासत में कदम रखा. उसी साल वो कांग्रेस के टिकट पर लोहरदगा सीट पर विधानसभा चुनाव लड़े और जीते. हालांकि साल 2009 और 2014 के चुनावों में सुखदेव भगत को आजसू प्रत्याशी कमल किशोर भगत से हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि साल 2015 के विधानसभा उपचुनाव में सुखदेव भगत ने भारी मतों जीत मिली. वहीं 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें महज कुछ हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा. लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के सुदर्शन भगत को लोहरदगा सीट पर कड़ी टक्कर दी थी.

 

चुनावी आंकड़ों पर गौर करें तो सुखदेव भगत बेहद कम मार्जिन से चुनाव हारे हैं. 2009 विधानसभा चुनाव में आजसू के केके भगत ने सुखदेव भगत को सिर्फ 606 वोट से हराया था. केके भगत को 35,816 वोट मिले थे, जबकि सुखदेव भगत को 35,210. वहीं 2014 के चुनाव में केके भगत ने सिर्फ 592 वोट से सुखदेव भगत पर जीत दर्ज की थी. केके भगत को 56,920 और सुखदेव भगत को 35,210 वोट मिले थे. वहीं एक मामले में केके भगत को सजा होने के बाद 2015 में हुए उपचुनाव में सुखदेव भगत ने केके भगत की पत्नी नीरू शांति भगत को लोहरदगा सीट पर 23,288 वोटों से हराया था. एक बार फिर नीरू शांति भगत आजसू प्रत्याशी के तौर पर उनके सामने मैदान में हैं.

सुखदेव भगत के पिता गंद्धर्व भगत स्वतंत्रता सेनानी थे. सुखदेव भगत की प्रारंभिक शिक्षा नेतरहाट आवासीय विद्यालय में हुई. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया. इसके बाद बैंक के अधिकारी बने. फिर बिहार के समय प्रशासनिक सेवा में चले गए. वर्ष 2005 में उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर पद से बीआरएस लेकर कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े. तब लोहरदगा के विधायक भाजपा के सधनू भगत थे. सधनू भगत लगातार दो बार से लोहरदगा के विधायक रहते हुए सरकार में मंत्री भी थे. लेकिन सुखदेव भगत ने 2005 के चुनाव में उन्हें हराकर लोहरदगा सीट कांग्रेस की झोली में डाल दी थी.

(रिपोर्ट- गौतम लेनिन)

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First published: November 20, 2019, 1:16 PM IST
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