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लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र: दलबदल से दिलचस्प हुआ चुनावी मुकाबला

News18 Jharkhand
Updated: November 14, 2019, 1:53 PM IST
लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र: दलबदल से दिलचस्प हुआ चुनावी मुकाबला
लोहरदगा सीट पर पुरुष 123347 और महिला मतदाता 120682 हैं. कुल 243229 वोटर्स हैं.

लोहरदगा (Lohardaga Assembly Constituency) अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट (Reserved Seat) है. यहां पर आदिवासी खासकर उरांव जनजाति के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है.

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लोहरदगा. बॉक्साइट नगरी के रूप में फेमस लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र (Lohardaga Assembly Constituency) में इस बार चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने वाला है. सत्ता के साथी एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं. आजसू (AJSU) ने नीरू शांति भगत को, तो बीजेपी (BJP) ने सुखदेव भगत (Sukhdev Bhagat) को मैदान में उतारा है. 2015 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर सुखदेव भगत ने नीरू शांति भगत को हराया था. तब नीरू को बीजेपी का समर्थन प्राप्त था. लेकिन इस बार समीकरण बदल गया है. सुखदेव भगत पाला बदलकर बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं. उधर, विपक्षी गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव (Rameshwar Oraon) चुनावी समर में हैं.

उरांव जनजाति के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा

अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस क्षेत्र में पेयजल का संकट सबसे बड़ा है. आज भी इस क्षेत्र की आधे से अधिक घरों में पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है. अस्पतालों की हालत खराब है. यहां आदिवासी खासकर उरांव जनजाति के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है. इस क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाके आज भी नक्सल प्रभावित हैं. कल तक यहां की समस्याओं के लिए राज्य सरकार को जिम्मेवार ठहराने वाले विधायक सुखदेव भगत अब खुद भाजपा प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं.

लोहरदगा को बॉक्साइट नगरी के नाम से भी जाना जाता है. इलाके में नंदनी और बंजारी जलाशय होने के कारण यह क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है. पिछले पांच साल में यहां विकास के कई काम हुए. मसलन, नेतरहाट आवासीय विद्यालय को सीबीएसई स्कूल बनाया गया. लोहरदगा में कोल्ड स्टोरेज पास कराया गया. सड़कों और पुल- पुलिय बने. बिजली और जलापूर्ति योजनाओं का विस्तार हुआ. डहर बाटी नाला में डैम का निर्माण हुआ.

राजनीतिक इतिहास

लोहरदगा सीट पर कांग्रेस और भाजपा में टक्कर रही है. 1951 में झापा के इग्नेस कुजुर, 1957 में स्वतंत्र पार्टी के प्रीतम कुजुर, 1962 में सुशील बाखला, 1967, 1969 और 1972 में कांग्रेस के बिहारी लकड़ा चुनाव जीते. 1977, 1980, 1985 और 1990 में चार बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व इंद्रनाथ भगत ने किया. इसके बाद सधनू भगत ने भाजपा के टिकट पर 1995 और 2000 में जीत दर्ज की. 2005 में कांग्रेस के सुखदेव भगत विधायक बने.  2009 में आजसू और भाजपा के उम्मीदवार कमल किशोर भगत विधायक बने. 2014 में वह फिर विधायक बने. लेकिन एक मामले में उन्हें न्यायालय ने सजा सुनाई, जिससे उनकी विधायकी चली गई. 2015 के उपचुनाव में कांग्रेस के सुखदेव भगत ने कमल किशोर भगत की पत्नी नीरू शांति भगत को हराया और विधायक बने. हालांकि 2019 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सुखदेव भगत पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गये. वो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं.

लोहरदगा सीट पर पुरुष 123347 और महिला मतदाता 120682 हैं. कुल 243229 वोटर्स हैं.
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First published: November 14, 2019, 1:52 PM IST
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