लाइव टीवी

केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत: पांचजन्य पत्रिका बांटते- बांटते किया सियासत का रूख

News18 Jharkhand
Updated: May 14, 2019, 8:09 PM IST
केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत: पांचजन्य पत्रिका बांटते- बांटते किया सियासत का रूख
केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत

सुदर्शन भगत पहली बार 2004 में लोहरदगा से लोकसभा चुनाव लड़े. इसमें उन्हें हार मिली थी. लेकिन 2009 में उन्होंने केंद्र में मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. रामेश्वर उरांव को हराकर पहली बार लोकसभा पहुंचे.

  • Share this:
केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत की सियासी किस्मत को लोहरदगा की जनता ने ईवीएम में बंद कर दिया है. 23 मई को यह सामने आ जाएगा कि जनता ने उनके लिए क्या फैसला किया है. लोहरदगा सीट पर उनका सीधा मुकाबला पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत के साथ रहा. यह चौथी बार है, जब सुदर्शन भगत लोहरदगा से चुनावी मैदान में हैं.

लोहरदगा सीट पर कांग्रेस के दिग्गज को हराया

सुदर्शन भगत पहली बार 2004 में लोहरदगा से लोकसभा चुनाव लड़े. इसमें उन्हें हार मिली थी. लेकिन 2009 में उन्होंने केंद्र में मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. रामेश्वर उरांव को हराकर पहली बार लोकसभा पहुंचे. 2014 में उन्होंने फिर डॉ. रामेश्वर उरांव को हराया. और केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बने.

मोदी सरकार में इन मंत्रालयों को संभाला

27 मई 2014 से 9 नवम्‍बर 2014 तक वह सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे. 9 नवम्‍बर 2014 से 5 जुलाई 2016 तक उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय का जिम्मा संभाला. 5 जुलाई 2016 से 3 सितम्‍बर 2017 तक वह कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री रहे. फिलहाल वह जनजातीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं.

क़ॉलेज के दिनों में की छात्र राजनीति

सुदर्शन भगत का जन्म 20 अक्टूबर 1969 को गुमला जिले के डुमकी थाना इलाके के टांगरडीह गांव में हुआ. गांव से स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्नातक की डिग्री केओ कॉलेज, गुमला से ली. कॉलेज के दौरान ही उन्होंने एबीवीपी में शामिल होकर छात्र राजनीति की ओर रूख किया. बाद में आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता बनकर पांचजन्य पत्रिका बांटने का काम किया.
Loading...

बिना विभाग के बने मंत्री

सुदर्शन भगत साल 1999 में सक्रिय राजनीति में आए और 2000 में पहली बार गुमला सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने. अर्जुन मुंडा की सरकार में वह बिना विभाग के मंत्री रहे. बाद में उन्हें शिक्षा और कृषि पशुपालन विभाग का मंत्री बनाया गया. सुदर्शन भगत साधारण परिवार से आते हैं. उनके माता-पिता शिक्षक थे. पत्नी सीडीपीओ हैं. उनके तीन बच्चे हैं.

ये भी पढ़ें- कांटा इंचार्ज से मंत्री, ऐसा रहा है आजसू उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी का सियासी सफर

विद्युतवरण महतो: झारखंड आंदोलन के लिए छोड़ दी पढ़ाई, 10 साल संघर्ष के बाद मिली पहली चुनावी जीत

संतालियों के लिए संघर्ष से सीएम बनने तक, शिबू सोरेन ऐसे कहलाए दिशोम गुरु

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लोहरदगा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 14, 2019, 8:03 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...