डायन-बिसाही में 3 लोगों को जलाया था जिंदा, 22 दोषियों को मिली आजीवन कारावास की सजा

17 अप्रैल 2016 को कैरो थानाक्षेत्र के चिपो ठेका टोली में भीड़ ने डायन- बिसाही का आरोप लगाकर गोवर्धन भगत, मादो भगत और सुखमनिया भगत को जलाकर मार डाला था.

News18 Jharkhand
Updated: August 8, 2019, 1:24 PM IST
डायन-बिसाही में 3 लोगों को जलाया था जिंदा, 22 दोषियों को मिली आजीवन कारावास की सजा
डायन-बिसाही के शक पर 3 लोगों को जिंदा जलाकर मारने के मामले में 22 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा (फोटो- लोहरदगा कोर्ट)
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Updated: August 8, 2019, 1:24 PM IST
लोहरदगा कोर्ट ने डायन-बिसाही के शक में तीन लोगों को जिंदा जलाकर मारने के मामले में सभी 22 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोषियों को आईपीसी की धारा 302/149, 436/149, 458/149 और 307/149 के तहत सजा सुनाई है. 302 के तहत दोषियों को आजीवन कारावास और 307, 436 और 458 के तहत दस- दस साल की सजा और दस दस हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया है. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

डायन-बिसाही के शक पर जलाया जिंदा

17 अप्रैल 2016 को जिले के कैरो थाना क्षेत्र के चिपो ठेकाटोली में डायन-बिहासी का आरोप लगाकर एक ही परिवार के तीन लोगों को घर में जिंदा जलाकर मार डाला गया था. इस सिलसिले में कैरो थाना में दो केस दर्ज हुए थे. 22 लोगों को आरोपी बनाया गया. सभी 22 आरोपियों को कोर्ट ने कुछ दिन पहले दोषी ठहराया. आज सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

'दोषियों को मिलनी चाहिए फांसी'

कोर्ट के फैसले पर पीड़िता परिवार ने संतुष्टि जाहिर की. हालांकि उनका कहना है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी. क्योंकि अपराध जघन्य था. परिवार के मुताबिक साजिश के तहत डायन-बिसाही का अफवाह उड़ाकर गांव के कुछ लोगों ने घटना को अंजाम दिया था.

17 अप्रैल 2016 को कैरो थानाक्षेत्र के चिपो ठेका टोली में भीड़ ने डायन- बिसाही का आरोप लगाकर गोवर्धन भगत, मादो भगत और सुखमनिया भगत को जलाकर मार डाला था. उनके घर और संपत्ति को तबाह कर दिया था. इस घटना में परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए थे.

दर्ज हुए थे दो केस
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इस मामले में दो केस, एसटी 101/16 और एसटी 144/16 कैरो थाना में दर्ज हुआ था. इस मामले में जज गोपाल पांडे की कोर्ट ने बीरु उरांव, सोमनाथ उरांव, पारस साहू, देसी मुन्ना साहू, राम उरांव, दीवाकर साहू, माइकल खाखा, प्रवीण मिंज, रामपूजन साहू, धूरी उरांव, एतवा पाहन, अमन कुजूर, मुनित खाखा, इरकान तिर्की, नोबेल तिर्की, मिराज खाखा, राजू उरांव, मुन्ना उरांव, झरी यादव, संदीप उरांव और विजय यादव को सजा सुनाई गई है.

इनपुट- मनोज व गौतम

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First published: August 8, 2019, 1:23 PM IST
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