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दस दिन में नहीं हुई बारिश तो प्यासा रह जाएगा झारखंड का यह शहर

Gautam Lenin | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 25, 2017, 2:28 PM IST
दस दिन में नहीं हुई बारिश तो प्यासा रह जाएगा झारखंड का यह शहर
फोटो ईटीवी

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दस दिन में अगर बारिश नहीं हुई तो लोहरदगा शहर के लोग जल्द ही पानी की बूंद बूंद के लिए परेशान हो सकते हैं. दरअसल अचानक जल स्रोत के पन्द्रह से बीस फीट नीचे जाने की वजह से ये हालात पैदा हुए हैं.

टैंकर से बूझ रही प्यास

लोहरदगा जिला इन दिनों पेयजल संकट के जूझ रहा है. चापाकल यानि हैंडपंप दम तोड़ रहे हैं.  शंख और कोयल नदी में बना इंनफील्टेशन वेल भी ऑक्सीजन पर चल रहा है.  इनफील्टेशन वेल से इंटकवेल तक जल लाने के लिए अलग से मशीन लगानी पड़ रही है. शहरी क्षेत्र की जनसंख्या करीब साठ हजार के करीब हैं. इन्हें टैंकर के माध्यम से प्रतिदिन पचास हजार गैलेन पानी ही उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही इंटकवेल में स्टोर होने वाला पानी शहरवासियों को उपलब्ध कराया जा रहा है.

जलस्तर 15 से 17 फीट नीचे

शहरी जलापूर्ति सेवा उपलब्ध कराने वाले संवेदक संदीप कुमार का कहना है कि दस दिनों के अंदर बारिश नहीं होती है तो कभी भी शहरी जलापूर्ति सेवा ठप हो सकती है. बरसात के पानी रोकने की व्यवस्था नहीं होने और बालू के अधिक उठाव होने से नदी के जलस्तर में बहुत गिरावट आयी है. जलस्तर 15 से 17 फीट नीचे गिर आया है. संदीप कुमार का कहना है कि जहां साढ़े पांच लाख गैलन जलापूर्ति होती थी, वहां महज डेढ़ लाख गैलन जलापूर्ति होती है.

जिम्मेवार का कहना है

डीसी विनोद कुमार हर क्षेत्र में पेयजल पहुंचाने का दावा कर रहे हैं.डीसी ने कहा कि जगह जगह में चापाकल लगाने, जहां चापाकल है, वहां मोटर लगाना आदि काम किया जा रहा है. दावा किया कि शहरी इलाके के साथ साथ ग्रामीण इलाके में भी पानी की पुख्ता व्यवस्था के लिए लगातार कोशिश जारी है.

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First published: May 25, 2017, 2:28 PM IST
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