लोहरदगा: नक्सलियों की लैंडमाइंस की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत

घटना पर पुलिस-प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीण गुस्से में दिखे

Lohardaga News: गांववालों के मुताबिक इलाके में हमेशा इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं. इसमें कभी वे अपना पशु खोते हैं, तो कभी परिजन.

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    रिपोर्ट- आकाश साहू

    लोहरदगा. जिले के अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र पेशरार थाना अंतर्गत बुलबुल जंगल में लैंड माइंस की चपेट में आने से केरार निवासी 50 वर्षीय हीरालाल टाना भगत नामक व्यक्ति का मौके पर ही मौत हो गई. दरअसल हीरालाल अपनी पत्नी और गांव की कुछ महिलाओं के साथ जंगल गये थे. जंगल से वापस लौटने के दौरान इनलोगों ने कच्ची रास्ता का चुनाव किया. उस रास्ते में कुछ दूर बढ़ने पर हीरालाल के पैर लैंड माइंस पर पड़ गये. जोरदार ब्लास्ट में हीरालाल के दोनों पैर उड़ गए. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

    दरअसल नक्सलियों द्वारा पुलिस और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए जंगली इलाकों में सड़क के नीचे लैंडमाइंस लगाया जाता है. इसी वजह से प्रशासन ग्रामीणों को जंगल की जाने से मना करता है. लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं होते. और समय-समय पर दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं.

    मृतक के परिवारवालों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई. लेकिन पुलिस द्वारा उनकी मदद नहीं की गई. महिलाओं ने ही हीरालाल के शव को ढोकर जंगल से गांव लाया. यहां तक की परिवारवालों को ही पोस्टमार्टम के लिए शव को सदर अस्पताल लोहरदगा पहुंचाना पड़ा. एंबुलेंस तक जिला प्रशासन मुहैया नहीं कराया.

    सवाल पूछने पर लोहरदगा एसडीपीओ बीएन सिंह ने चुप्पी साधते हुए कैमरा देखकर भाग खड़े हुए. गांववालों के मुताबिक इलाके में हमेशा इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं. इसमें कभी वे अपना पशु खोते हैं, तो कभी परिजन. फिर भी जिला प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता.

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