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इन ग्रामीणों को आखिर किसने ठगा ? बैंक की कभी शक्ल ना देखी पर हजारों का लोन

Gautam Lenin | News18 Jharkhand
Updated: December 20, 2018, 4:29 PM IST
इन ग्रामीणों को आखिर किसने ठगा ? बैंक की कभी शक्ल ना देखी पर हजारों का लोन
बैंक से मिले नोटिसों को दिखाते ग्रामीण

लोहरदगा जिला में केनरा बैंक के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इकट्ठा हो अपना आक्रोश व्यक्त किया तो कुछ के आंसू फूट पड़े. इन लोगों में अधिकांश का कहना है कि वह कभी इस बैंक की चोखट लांघ कर अंदर दाखिल नहीं हुए, उसके बावजूद उनके नाम पर हजारों का कर्ज होने के नोटिस बैंक की ओर से पहुंचे हैं.आरोप है कि बैंक कर्मियों की मिली भगत से करीब सौ ग्रामीणों को लाखों रुपया लोन कैसे और किसने दे दिया. बैंक के मुताबिक वर्ष 2014 में इन ग्रामीणों पर साठ से सत्तर हजार रुपए प्रति व्यक्ति लोन लेने का आरोप हैं.

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झारखंड के लोहरदगा जिला में केनरा बैंक के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इकट्ठा हो अपना आक्रोश व्यक्त किया तो कुछ के आंसू फूट पड़े. इन लोगों में अधिकांश का कहना है कि वह कभी इस बैंक की चोखट लांघ कर अंदर दाखिल नहीं हुए, उसके बावजूद उनके नाम पर हजारों का कर्ज होने के नोटिस बैंक की ओर से पहुंचे हैं. वहीं एक महिला लहसुनिया उरांव इस मौके पर यह बताते हुए रो पड़ी कि उसके नाम 60 हजार रुपये लोन की रकम चुकाने का नोटिस पहुंचा है, जबकि उसने कभी एक रुपया इस बैंक से नहीं लिया.बिना मांगे सैकड़ों ग्रामीणों को लोन देने और अब परेशान करने के सवाल पर जब न्यूज़18 ने बैंक प्रबंधक ने बात करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.

न्यू रोड स्थित केनरा बैंक का चौखट नहीं देखने वाले ऐसे बहुत से ग्रामीण वहां इकट्ठा थे, जिनके ऊपर साठ से सत्तर हजार रुपए का लोन बैंक ने बताया है. लोन चुकाने की सूचना इन्हें इसी बैंक के द्वारा भेजे गए नोटिस से मिली. इनके नाम से इस बैंक में एकाउंट कैसे खुला. कब धनराशि की निकासी हुई, उन गरीबों के मुताबिक यह उन्हें बिल्कुल मालूम नहीं . आरोप है कि बैंक कर्मियों की मिली भगत से करीब सौ ग्रामीणों को लाखों रुपया लोन कैसे और किसने दे दिया. बैंक के मुताबिक वर्ष 2014 में इन ग्रामीणों पर साठ से सत्तर हजार रुपए प्रति व्यक्ति लोन लेने का आरोप हैं.

किस्को और लोहरदगा सदर प्रखंड क्षेत्र के बड़चोरगाई, छोटचोरगाई, मेरले, अगरडीह, अनगड़ा और कैमो गांव के सैकड़ों ग्रामीणों को लोन देने की बात सामने आई है. कभी बैंक नहीं आने वाले ग्रामीण उनको  नोटिस मिलने के बाद केनरा की जगह कई बैंकों का चक्कर लगा कर आ गए क्योंकि उन्हें बैंक-बैंक का अंतर तक नहीं पता है. जब अपनी शिकायत लेकर ये सभी केनरा बैंक पहुंचे तो इन्हें आधे घंटे से ज्यादा समय तक गेट के बाहर खड़ा रहना पड़ा. बूढ़े, बच्चे और महिलाए मैनेजर का इंतजार बैंक के बाहर करते दिखे. बैंक उनकी कोई बात नहीं सुन रहा और उधर ग्रामीण पिछले कई दिनों से बैंक और थाना का चक्कर लगा लगाकर  परेशान हैं.

विधवा महिला,ईट भट्टा में काम करने वाले मजदूर, पति-पत्नी, किसान जैसे लोगों को इस बैंक के माध्यम से लोन देने का काम किया गया.सवाल यह उठ रहा है कि लोन जैसी प्रक्रिया में घोर लापरवाही बरतने का मुख्य दोषी कौन हैं. साथ ही बिना बैंक के मिली भगत से बिना खाता खोले इन ग्रामीणों का पैसे एकाउंट में आने के बाद निकल कैसे गए. पैसा निकासी के बाद एकाउंट खुद व खुद निष्क्रिय हो गया तो इस दिशा में बैंक ने ध्यान क्यों नहीं दिया. कौन बिचौलिया इन ग्रामीणों की नींद को हराम किए हुए हैं उस दिशा में शिकायत के बाद भी सदर पुलिस चुप हैं.

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First published: December 20, 2018, 4:29 PM IST
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