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भोलेनाथ का त्रिशूल गुंबद से जमीन पर नहीं ग‍िरा, श्रद्धालु इसे मान रहे करिश्मा और फ‍िर...


भगवान भोलेनाथ की लीला अपरंपार है, जिसकी बानगी रांची के लोग बन रहे हैं.

भगवान भोलेनाथ की लीला अपरंपार है, जिसकी बानगी रांची के लोग बन रहे हैं.

jharkhand news: भगवान भोलेनाथ की लीला अपरंपार है, जिसकी बानगी रांची के लोग बन रहे हैं. भगवान के इस मंदिर के दर्शन को लेकर भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. भोलेनाथ का ये मंदिर कही और नही बल्कि चुटिया थाने के परिसर में है, जिसकी कहानी सुन यहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 3, 2021, 12:50 PM IST
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झारखंड के रांची स्‍थित चुटिया थाने में भगवान शिव मंदिर के गुम्बज में स्थापित त्रिशूल तेज हवा के कारण गिरा, लेकिन त्रिशूल जमीन पर नहीं बल्कि मंदिर के दूसरे गुम्बद में जाकर गड़ गया, जिसकी जानकारी मिलने के बाद श्राद्धालु इसे भगवान की लीला मान इस शिव मंदिर के दर्शन को लेकर थाने परिसर में आ रहे है. वही आस पास के लोगों में ये पूरी कहानी कौतूहल का विषय बनी हुई है. अब इसे आस्था कहे या अंधविश्वास लेकिन भक्त इसे आस्था से जोड़ रहे है और इसे चमत्कार ही मान रहे है.

भगवान भोलेनाथ की लीला अपरंपार है, जिसकी बानगी रांची के लोग बन रहे हैं. भगवान के इस मंदिर के दर्शन को लेकर भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. भोलेनाथ का ये मंदिर कही और नही बल्कि चुटिया थाने के परिसर में है, जिसकी कहानी सुन यहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. भगवान शिव का बना यहां एक मंदिर है जिसके गुम्‍बद पर एक त्रिशूल हुआ करता था किसी कारणवश त्रिशूल गुम्बद से गिरा लेकिन वो त्रिशूल जमीन पर नहीं गिरा बल्कि मंदिर के दूसरे गुम्बद जाकर गड़ गया.

त्रिशूल के गिरने की वजह तेज़ हवा बताया जा रहा है. हालांकि जिस गुम्बद में त्रिशूल आकर गड़ा है वो भी सीमेंट का है और उसमें त्रिशूल का यूं आकर धंस जाना हर किसी के लिए कौतूहल का विषय है. श्रद्धालु इसे भोलेनाथ का करिश्मा बात रहे है और जब से ये बात फैली है भक्त इसे देखने थाने परिसर में पहुंच रहे है. लोगों का कहना है कि ये भगवान की लीला ही है कि त्रिशूल जमीन पर नही गिरा बल्कि पक्के गुम्बद में ही आकर गड़ गया.



इस चमत्कारिक त्रिशूल के बारे में तब जानकारी मिली जब फरवरी महीने में थाना प्रभारी चुटिया रवि ठाकुर मंदिर की साफ सफाई कराने लगे. शिवरात्रि के आने से पहले मंदिर का रंग रोगन का कार्य कराया जा रहा था उसी दौरान यह आश्चर्य चकित करने वाली बात सामने आई. जब सभी लोगों ने इस पर ध्यान दिया तो वे भी हैरान रह गए कि भगवान भोलेनाथ की ही यह लीला है कि उन्होंने अपने त्रिशूल को जमीन पर नहीं गिरने दिया. ये मंदिर नई नही है बल्कि वर्षों से ही थाने परिसर में ये मंदिर है, लेकिन जब शिवरात्रि के मद्देनजर अभी मंदिर की साफ सफाई होने लगी तब ये बात सामने आई.
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