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पाकुड़ में फिर लहलहाएगी लाह की खेती, ढाई सौ किसानों ने पाया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण पाते किसान
प्रशिक्षण पाते किसान

पाकुड़ में लाह की खेती को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है. इसके लिए किसानों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान जिले के ढाई सौ किसानों ने खेती की बारीकी को जाना.

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झारखंड के पाकुड़ में लाह की खेती को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है. इसके लिए किसानों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान जिले के ढाई सौ किसानों ने खेती की बारीकी को जाना. प्रशिक्षण का आयोजन वन विभाग ने किया था. भारतीय लाह संस्थान रांची के वरिष्ठ वैज्ञानिक डीके सिंह ने किसानों को लाह की अच्छी खेती कैसे करें, इसके बारे में विस्तार से बताया.

पाकुड़ जिले में 25-30 वर्ष पूर्व लाह की खेती बड़े पैमाने पर होती थी. लेकिन सरकारी सहयोग के अभाव में किसानों ने धीरे- धीरे यह खेती छोड़ दी. अब फिर से जिले में लाह की खेती को बढ़ावा देने की प्रशासनिक कोशिश हो रही है. इसी सिलसिले में पॉलिटेक्निक कॉलेज में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिले के किसान प्रशिक्षण पाकर खुश हैं और लाश की खेती को लेकर उत्साहित भी नजर आए.

वैज्ञानिक डीके सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया कि लाह की कीट के पालन का सही तरीका क्या है. कीट पालन के लिए कौन से वृक्ष उपयुक्त माने जाते हैं. उन्होंने कहा कि पहले वर्ष आय थोड़ी कम होती है, लेकिन बाद में कमाई कई गुणा तक बढ़ जाती है. लाह के उत्पादन से लेकर बाजार तक की भी जानकारी उन्होंने दी.



प्रशिक्षण पाने वाले किसान लाह की खेती को लेकर प्रोत्साहित नजर आए. वन विभाग को भरोसा है कि जिले में एक बार फिर लाह की खेती जोर पकड़ेगी.
रिपोर्ट- कुंदन कुमार

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