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रेशम के धागे से जिंदगी के ख्वाब बुनने में जुटीं आदिवासी महिलाएं

रेशम के धागे बनाती आदिवासी महिलाएं
रेशम के धागे बनाती आदिवासी महिलाएं

जिले के लिट्टीपाड़ा में अग्र परियोजना केन्द्र स्थापित किया गया है. इस केन्द्र में झारक्राप्ट के द्वारा आदिवासी महिलाओं को रेशम की कीट से धागा निकालने का काम सिखाया जा रहा है

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पाकुड़ में आदिवासी महिलाएं रेशम के धागे से जिंदगी के हसीन ख्वाब बुनने में जुटी हैं. यहां सरकार की पहल पर आदिवासी महिलाओं को अग्र परियोजना केन्द्र से जोड़ा गया है, जहां वे रेशम के धागे बनाने का प्रशिक्षण ले रही हैं.

जिले के लिट्टीपाड़ा में अग्र परियोजना केन्द्र स्थापित किया गया है. इस केन्द्र में झारक्राप्ट के द्वारा आदिवासी महिलाओं को रेशम की कीट से धागा निकालने का काम सिखाया जा रहा है. दरअसल लिट्टीपाड़ा इलाके में वनक्षेत्र की बहुतायत है. इसको देखते हुए इन महिलाओं को ये ट्रेनिंग दी जा रही है. बाद में ये महिलाएं खुद इस कारोबार से जुड़कर आमदनी कर पाएंगी.

लिट्टीपाडा के इस केन्द्र में फिलहाल 60 महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं. लक्ष्य 120 महिलाओं को प्रशिक्षित करने का है. प्रशिक्षित महिलाओं को सरकार की ओर से धागा बनाने वाली मशीन 90 फीसदी अनुदान पर दी जाएगी. 25 हजार की इस मशीन से ये महिलाएं रेशम कारोबार से जुड़कर घर बैठे 6 हजार रुपये तक कमा पाएंगी. प्रशिक्षित महिलाएं आस-पड़ोस की महिलाओं को भी प्रशिक्षित कर पाएंगी. सरकार की इस पहल से जिले की महिलाएं काफी खुश है.



 
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