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नदी की तेज धार में पत्ते की तरह बहा पुल, कई गांवों का संपर्क टूटा

7 करोड़ की लागत से ये पुल साल 2015 में बना था. तब गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी.
7 करोड़ की लागत से ये पुल साल 2015 में बना था. तब गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी.

पाकुड़ में चंडालमारा पुल टूटने से महेशपुर और अमड़ापाड़ा प्रखंड मुख्यालय से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है. आवागमन पूरी तरह से बाधित है.

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पाकुड़. लगातार हो रही बारिश (Rain) से जिले में बाढ़ (Flood) की स्थिति पैदा हो गई है. इस सबके बीच महेशपुर प्रखंड में चंडालमारा पुल (Bridge Collapsed) बह गया. इससे कई गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है. 7 करोड़ की लागत से ये पुल साल 2015 में बना था. जमाल कंस्ट्रक्शन ने इसे बनाया था. तब निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायत विधायक स्टीफन मरांडी (MLA Stephen Marandi) ने विभागीय पदाधिकारी से की थी. लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया था. अब यह पुल भारी बारिश को नहीं झेल पाया और धंस गया.

कई गांवों का संपर्क टूटा

चंडालमारा पुल टूटने से महेशपुर और अमड़ापाड़ा प्रखंड मुख्यालय से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है. आवागमन पूरी तरह से बाधित है. ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए 25 किलोमीटर घूमना पड़ेगा. महेशपुर के बासलोई नदी और पाकुड़िया के तरुपतिया नदी उफान पर हैं. पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. जिसके कारण आवागमन बाधित है. पाकुड़िया के खक्सा गांव में बारिश के कारण मिटटी की दीवार गिरने से एक शख्स घायल हो गया. उसे पाकुड़िया पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.




निचले इलाके में भरा गंगा का पानी

बारिश के चलते सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके कारण आवाजाही में परेशानी हो रही है. पाकुड़ के पूर्वी इलाके में कई गांवों में नदी का पानी घुस गया है. गंगा नदी का पानी जिले के निचले इलाका में भर गया है, जिसके कारण बाढ़ की स्थिति उत्पनन हो गयी है.

रिपोर्ट- कुंदन कुमार

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