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गांव में PHC है, फिर भी ग्रामीणों को इलाज के लिए जाना पड़ता है प. बंगाल

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सलगापाड़ा
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सलगापाड़ा

पाकुडिया उप स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी नवल किशोर का कहना है कि चिकित्सकों की कमी के चलते ऐसी स्थिति है. दो लाख से अधिक आबादी वाले पाकुडिया प्रखंड में केवल दो चिकित्सक हैं.

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झारखंड के पाकुड़ में स्वास्थ्य केन्द्र होते हुए भी ग्रामीणों को इलाज नहीं मिल पा रहा है. गांववालों को इलाज के लिए पश्चिम बंगाल जाना पड़ता है. पाकुडिया के सलगापाड़ा गांव के ग्रामीणों का यह दर्द पिछले कई महीनों से अनसुना बना हुआ है.

सलगापाड़ा के लोगों का कहना है कि गांव में पीएचसी तो बन गया लेकिन इलाज को लेकर उनकी परेशानी खत्म नहीं हुई. बतौर ग्रामीण जब स्वास्थ्य केन्द्र बना तो लगा कि सालों की जद्दोजहद अब खत्म हो जाएगी, लेकिन उस उम्मीद पर पानी फिरा हुआ है.

दरअसल इस गांव में पीएचसी बना दिया है, लेकिन उसमें चिकित्सक और कर्मचारी नहीं आते. हाल में सीएम ने इस गांव में जनचौपाल लगाया, तो ग्रामीणों ने इस मुद्दे को उठाया था. इधर बंद पड़े पीएचसी अब धीरे धीरे जर्जर होने लगा है. परिसर में झाड़ियां उग चुकी हैं. असामाजिक तत्वों को इसे अपना अड्डा बना लिया है. पीएचसी में बिचली, पानी की भी व्यवस्था नहीं है.



पाकुडिया उप स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी नवल किशोर का कहना है कि चिकित्सकों की कमी के चलते ऐसी स्थिति है. दो लाख से अधिक आबादी वाले पाकुडिया प्रखंड में केवल दो चिकित्सक हैं. हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द सलगापाड़ा पीएचसी में डॉक्टर की तैनाती होगी.
(कुंदन कुमार की रिपोर्ट) 

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