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पाकुड़ में प्रकृति के पर्व सोहराय की धूम, बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग

पाकुड़ प्रकृति के पर्व सोहराय की धूम

पाकुड़ प्रकृति के पर्व सोहराय की धूम

झारखंड के पाकुड़ में प्रकृति का पर्व सोहराय की धूम शुरू हो गई है. सांसद विजय हांसदा, विधायक साईमन मरांडी, युवा नेता दिनेश विलियम मरांडी, रोजी हांसदा ने इसकी विधिवत शुरुआत की. संथाल परगना में सोहराय को आदिवासियों के महापर्व के नाम से जाना जाता है.

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झारखंड के पाकुड़ में प्रकृति का पर्व सोहराय की धूम शुरू हो गई है. सांसद विजय हांसदा, विधायक साईमन मरांडी, युवा नेता दिनेश विलियम मरांडी, रोजी हांसदा ने इसकी विधिवत शुरुआत की. संथाल परगना में सोहराय को आदिवासियों के महापर्व के नाम से जाना जाता है.

पाकुड़ के के.के एम कॉलेज के आदिवासी छात्रावास के छात्रों ने सोहराय पर्व धूमधाम से मनाया. छात्रों ने मांदर की थाप पर जमकर नृत्य किया और खुशिया मनाई. पर्व की शुरुआत पूजा अर्चना के साथ शुरू हुई और कार्यस्थल पर गोट टंडी बनाया गया जहां विधिवित रूप से पूजा अर्चना की गई. परंपरा के अनुसार चूजे की बलि देने के बाद पूजा आरंभ कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई.

छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मांदर के थाप पर जमकर नृत्य किया. मुख्य अतिथि के रूप में सांसद विजय हांसदा, विधायक साईमन मरांडी, दिनेश विलियम मरांडी, नेत्री रोजी मरांडी ने कार्यक्रम में भाग लिया. सांसद विधायक स्वयं मांदर बजाते हुए छात्र छात्राओं के साथ नृत्य किया. सोहराय पर्व मुख्य रूप से धान काटने के बाद घर लाया जाता है. यह पर्व खासकर भाई बहन के पवित्र रिश्ते से जुड़ा हुआ है.



इस पर्व में परंपरा के अनुसार भाई बहन को ससुराल से विदा कराकर लाते हैं इसके बाद प्रकृति की पूजा की जाती है. बैल का भी इस पर्व में खास महत्व है. यह पर्व हर गांव में अलग-अलग दिन में महीनों तक चलता है जिसमें अलग-अलग तरीके से प्रकृति की पूजा की जाती है.
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