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25,000 का ऊंट बांग्लादेश में 2 लाख का हो जाता है, हरियाणा-राजस्थान से झारखंड के रास्ते ऐसे होती है तस्करी

पाकुड़ में दो ट्रकों से 29 ऊंट जब्त किये गये, जिनमें से 7 की मौत हो गई.

पाकुड़ में दो ट्रकों से 29 ऊंट जब्त किये गये, जिनमें से 7 की मौत हो गई.

Camel Smuggling: झारखंड के पाकुड़ में वन विभाग के अधिकारियों ने ऊंट लदे दो ट्रकों को पकड़ा. ड्राइवर और तस्कर से पूछताछ में तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ.

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    पाकुड़. झारखंड के पाकुड़ में ऊंट की तस्करी (Camel Smuggling) के अतंरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है. खुलासे के मुताबिक हरियाणा और राजस्थान से रेगिस्तान के जहाज यानी ऊंट की तस्करी हो रही है. दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड के पाकुड़ से होकर ऊंटों को पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचाया जाता है. वहां से मोदी घाट और पूर्णभामा घाट से नाव के जरिये से गंगा नदी के पार बांग्लादेश भेजा जाता है.

    पिछले एक महीने में पाकुड़ में दो बार ऊंट लदे वाहन को वन विभाग के अधिकारियों ने पकड़ा. तब इस बात का खुलासा हुआ है. एक ट्रक में 14 और दूसरे में 15 ऊंट थे. ट्रक चालकों और तस्करों से जब पूछताछ की गई, तो पता चला कि राजस्थान और हरियाणा में 25-25 हजार रुपये में ऊंटों को खरीदकर पश्चिम बंगाल में इन्हें चार गुना दाम में बेचा जाता है. वहीं बांग्लादेश तक पहुंचते- पहुंचते इनकी कीमत आठ गुनी हो जाती है.

    फिरोजाबाद के रहने वाले ट्रक चालक बॉबी कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह ऊंटों को पश्चिम बंगाल के मालदा ले जा रहा था. मालदा, कलियाचक, दक्षिण दिनाजपुर में कई दलाल हैं जो इन ऊंटों को बांग्लादेश भेजने की व्यवस्था करते हैं. चालक के पास से जेके ओवरसीज शिपिंग एजेंसी से संबंधित कागज बरामद किये. इस एजेंसी के माध्यम से ऊंटों को मोटर से चलने वाली बड़ी नाव से बांग्लादेश भेजा जाता है.

    पकड़े गए ऊंट तस्कर आदिल ने बताया कि हरियाणा के महेंद्रगढ़ में मेले से 25 हजार की दर से उसने 15 ऊंट खरीदे थे. हरियाणा और राजस्थान से लेकर बंगाल और बांग्लादेश तक ऊंट तस्करों का नेटवर्क सक्रिय है. हरियाणा से दिल्ली, यूपी, बिहार होते हुए ऊंटों को झारखंड पहुंचाया गया. रास्ते में 15 से अधिक चेकनाकों में पांच-दस हजार रुपया देकर ट्रक निकलता रहा. लेकिन पाकुड़ में वन विभाग ने ट्रक पकड़ लिया.

    ऊंटों को किसी भी प्रकार जल्दी से जल्दी पहुंचाने के चक्कर में उनके साथ क्रूरता की हद पार कर दी गई. गत 12 जनवरी को पाकुड़ में 14 ऊंटों को पकड़ा गया था. जिन्हें रास्ते में दाना-पानी नहीं दिया गया था. पैर बांधकर ट्रकों में ठूंस दिया गया. नतीजा चार ऊंटों की पाकुड़ में मौत हो गई. मरे हुए ऊंटों को बाहर निकालने के बजाये उसी गाड़ी में भरकर ले जाया जा रहा था. दूसरे ट्रक का भी यही हाल था. दूसरे ट्रक में 15 ऊंट ठूसे हुए थे. कुल 29 ऊंटों में से 7 ऊंटों की बेरहमी के चलते मौत हो गई.

    रेंजर अनिल ने बताया कि ऊंट हरियाणा और राजस्थान में खरीदे-बेचे जाते हैं, लेकिन इन्हें इन राज्यों से बाहर नहीं ले जाया जा सकता. लेकिन बेधड़क ऊंटों की तस्करी जारी है. एसपी मणिलाल मंडल ने बताया कि पाकुड़ में लगातार ऊंट पकड़ा जाना गंभीर मामला है. दोनों ही मामलों में केस दर्ज किया गया है. तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस कार्रवाई करेगी.

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