डॉ. हांसदा की विवादित पुस्तक पर सरकार ने लगाया प्रतिबंध

Kundan Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 12, 2017, 5:58 PM IST
डॉ. हांसदा की विवादित पुस्तक पर सरकार ने लगाया प्रतिबंध
डॉ. हांसदा सोवरेंद्र शेखर की पुस्तक को लेकर विवाद गहराया
Kundan Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 12, 2017, 5:58 PM IST
झारखंड सरकार ने पाकुड़ के डॉ. हांसदा सोवरेंद्र शेखर की विवादित पुस्तक पर प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही पाकुड़ के डीसी को किताब के लेखक पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. शुक्रवार को विधानसभा के सत्र में डॉ. हांसदा की पुस्तक का मामला गरम हो गया था. इस पर पक्ष व विपक्ष सदन में एक दिखाई दिया. सरकार ने इसका संज्ञान लेते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही थी.

डॉ. हांसदा सोवरेंद्र शेखर पेशे से चिकित्सक हैं. पुस्तक लिखना उनका शौक है. उन्होंने दो पुस्तकें लिखी हैं. उन्होंने पुस्तक में संथालपरगना के आदिवासियों की जीवन शैली को दर्शाया है. मगर उनकी पुस्तक का काफी विरोध हो रहा है.

आदिवासी संगठन ने सबसे पहले उनकी पुस्तक का विरोध किया. फिर जेएमएम ने उनकी पुस्तक का विरोध करना शुरू किया. पुस्तक का विरोध करने वाले संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पुस्तक में आदिवासी महिलाओं का अश्लील वर्णन किया गया है.

वहीं पुस्तक विरोध के इस पूरे प्रकरण में डॉ. हांसदा सोवरेंद्र शेखर ने कहा कि मुझे नहीं पता कि आपत्ति क्यों की जा रही है. हमने जो देखा वही पुस्तक में लिखा है. उन्होंने कहा कि कोई बताएगा कि मेरी किस पुस्तक में प्रॉबलेम है. यह दस कहानियों का संकलन है. इन दस कहानियों में ढेर सारे मामले हैं. हम उन मामलों को अश्लील नहीं मानते हैं. उन्होंने कहा कि हम उन मामलों को मैटर ऑफ फैक्ट मानते हैं. मेरी कोई गलती नहीं है. उन्होंने कहा कि जिन्हें उनकी लिखी कहानियों पर आपत्ति हो रही है उनसे कहूंगा कि वे पहले पढ़ लें, समझ लें और उसके बाद कमेंट करें.
First published: August 12, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर