अपना शहर चुनें

States

यहां पूजा करने से सभी तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं

दीपावली की रात की जा रही देवी काली की पूजा
दीपावली की रात की जा रही देवी काली की पूजा

झारखंड के पाकुड़ में धूमधाम के साथ काली पूजा मनाई जा रही है. नित्य काली, श्मसान काली, मुर्की मतल्ला समेत आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर देवी काली की पूजा की जा रही है.

  • Share this:
झारखंड के पाकुड़ में धूमधाम के साथ काली पूजा मनाई जा रही है. नित्य काली, श्मसान काली, मुर्की मतल्ला समेत आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर देवी काली की पूजा की जा रही है. काली पूजा देर रात में ही करने का विधान है. रात में आस पास के गांव के लोग पूजा करने पहुंचते हैं. नित्य काली और श्मसान काली पूजा की विशेष मान्यता है.

मान्यता के अनुसार पश्चिम बंगाल के तारापीठ के बामाखेपा पाकुड़ के श्मसान काली, नित्य काली में आकर पूजा अर्जना की थी. बता दें कि वर्ष 1737 में मां नित्य काली की स्थापना राजा पृथ्वीचंद्र साही ने की थी. तब से ही काली पूजा इस मंदिर में तांत्रिक विधि से की जा रही है. देवघर और बासुकीनाथ की तरह पाकुड़ का नित्य काली मंदिर का संबंध पश्चिम बंगाल के तारापीठ मंदिर से है.

ऐसी आस्था है कि यहां पूजा करने से सभी तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं. आज दीपावली की रात में भी विशेष पूजा की जा रही है. पंडित भरत कुमार ने बताया कि श्मसान काली एक हजार आठ मुंड पर स्थापित हैं. श्मसान काली को बड़ी काली कहा जाता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज