झारखंड के इस जिले को केन्द्र सरकार का तोहफा, 45 करोड़ की लागत से बनेगा नवोदय विद्यालय

केन्द्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि पाकुड़ में नवोदय विद्यालय के निर्माण से दूर-दराज के बच्चों को अच्छा भविष्य मिल सकेगा.
केन्द्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि पाकुड़ में नवोदय विद्यालय के निर्माण से दूर-दराज के बच्चों को अच्छा भविष्य मिल सकेगा.

केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) और रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने संयुक्त रूप से नवोदय विद्यालय का ऑनलाइन शिलान्यास किया.

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पाकुड़. केन्द्र सरकार ने झारखंड के पाकुड़ जिले को तोफहा दिया है. पाकुड़ में 45 करोड़ की लागत से जवाहर नवोदय विद्यालय (Jawahar Navoday Vidyalay) का निर्माण होगा. केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) और रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने संयुक्त रूप से इसका ऑनलाइन शिलान्यास किया. पाकुड़ में इस ऐतिहासिक अवसर पर सांसद विजय हांसदा, डीसी कुलदीप चौधरी, डीडीसी अनमोल कुमार सिंह, एसपी मणिलाल मंडल सहित जिले के नवोदय विद्यालय के तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे.

जवाहर नवोदय विद्यालय का निर्माण हिरणपुर प्रखंड के बागशीशा गांव में होगा. पहाड़ी क्षेत्र में बनने वाले इस स्कूल में हर तरह की सुविधा होगी. जिस समय शिलान्यास का कार्यक्रम चल रहा था, उस समय तेज बारिश होने लगी. ऑनलाइन बारिश का नजारा और लोगों का उत्साह देखकर केन्द्रीय मंत्री काफी उत्साहित हुए.

केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार किसी कार्य की शुरुआत के समय बारिश हो तो यह शुभ लक्षण होता है. वहीं केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि झारखंड के पाकुड़ में 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला जवाहर नवोदय विद्यालय का शिलान्यास एक ऐतिहासित क्षण है. पाकुड़ अति पिछड़ा जिलों में आता है. पाकुड़ आदिवासी बहुल्य जिला भी है. ऐसे में जवाहर नवोदय विद्यालय के निर्माण से दूर-दराज के बच्चों को अच्छा भविष्य मिल सकेगा.



कार्यक्रम में जवाहर नवोदय समिति पटना संभाग के उपायुक्त डॉक्टर बीके सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि 1986 शिक्षा नीति के तहत विद्यालयों की निर्माण की जा रही है. पूरे देश में अभी 661 नवोदय विद्यालय हैं, जिनमें से झारखण्ड में 26 हैं. इनमें से पाकुड़ व पलामू जिले में दो -दो विद्यालय संचालित हैं. इस विद्यालय का निर्माण 20 एकड़ जमीन में दो वर्षों के अंदर किया जाएगा.
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