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डाकिया योजना के तहत पहाडिया समुदाय को मिलने लगा अनाज

सीएम ने अनाज का वितरण घर-घर जाकर किया था
सीएम ने अनाज का वितरण घर-घर जाकर किया था

सीएम ने खुद पहाडिया समुदाय के दरवाजे पर जाकर डाकिया बनकर अनाज का बोरा दिया था.

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झारखंड में पाकुड़ के पाकुड़िया में डाकिया योजना का सीधा लाभ आदिम जनजाति पहाड़िया लाभुकों को मिल रहा है. यह आदिम जनजाति पहले अनाज पाने से महरूम रह जाया करती थी. सरकार से मिलने वाले अनाज गरीब पहाड़िया के दरवाजा पर पहुंचने से पहले बीच में ही कालाबाजारी के जरिए गायब कर दिए जाते थे. लेकिन अब उसे दरवाजे पर डाकिया के रूप में डीलर मिलता है जो 35 किलो के अनाज का बोरा दे जाता है.

बता दें कि सीएम रघुवर दास ने पाकुड़ जिला के लिट्टीपाडा के सुदुरवर्ती ग्रामीण गांव कुजबोना में पीटीजी डाकिया योजना की शुरुआत करते हुए अनाज का वितरण घर-घर जाकर किया था. सीएम ने खुद पहाडिया समुदाय के दरवाजे पर जाकर डाकिया बनकर अनाज का बोरा दिया था. तब पहाडिया समुदाय के लोग फुले नहीं समा रहे थे. जिस गांव में आज तक कोई मंत्री,विधायक,सांसद नहीं गया था वहां सीएम को देखकर सभी अचंभित रह गए थे. इससे ग्रामीणों के मन में विश्वास जगा कि सरकार के मुखिया के आ जाने से सबकुछ सही हो जाएगा.

अनाज मिलने के बाद पहाडिया समुदाय के लोगों में आत्मविश्वास बढा. पहाडिया समुदाय ने सीएम के प्रति आभार प्रकट किया. सीएम ने लोगों को अनाज देने के मामले में आश्वस्त किया था कि अब घर घर तक अनाज पहुंचेगा. सीएम ने पहाडिया समुदाय के लोगों के साथ जो सपना देखा और उनसे जो वादा किया वह अब साकार हो रहा है. अब अनाज मिलने के मामले में पहाडिया समुदाय के लोग निश्चिंत रहते हैं. वे काम करने खेत खलिहान में जाते हैं और लौटकर देखते हैं कि उनके घर के दरवाजे पर अनाज का बोरा पड़ा है. डाकिया योजना के तहत रूपए नहीं बल्कि सरकार फ्री में उन्हें अनाज दे रही है.



पाकुड़ जिले में आदिम जनजाति पहाडिया की आबादी लगभग 60 हजार है. पहाडिया समुदाय के 13 हजार लोग डाकिया योजना के लाभुक कार्डधारी हैं. पाकुड़ के लिट्टीपाडा और अमड़ापाडा में सबसे ज्यादा पहाडिया समुदाय के लोग रहते हैं. पहाड़ और पहाड़ के ढलान में रहने वाले पहाड़िया लाभुकों को अनाज पहुंचाया जा रहा है. इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है.
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