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जब ठगों ने खोली जुबां, तो पुलिस के उड़ गये होश!

पुलिस के शिकंजे में ठग
पुलिस के शिकंजे में ठग

शर्त थी कि रुपया दुगुना कर लौटाया जाएगा और अगर समय पर राशि नहीं लौटाई गई, तो चौगुणा रुपया दिया जाएगा

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पाकुड़ पुलिस ने ठगी के एक ऐसे खेल का खुलासा किया है, जिसके तार पाकुड़ से लेकर पश्चिम बंगाल तक जुड़े हुए थे. पुलिस ने इस सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की, तो लाखों की ठगी के चौंकाने वाले सच सामने आए.

दरअसल, रिटायर्ड शिक्षक मृणाल पांडे, बेटा पार्थसारथी पाण्डेय और पत्नी ममता पांडे ने मिलकर मकान मालिक अन्नत तिवारी और मकान मालिक का भतीजे सेलुकस त्रिवेदी को करोड़ों रुपये का चूना लगाया. शर्त थी कि रुपया दुगुना कर लौटाया जाएगा और अगर समय पर राशि नहीं लौटाई गई, तो चौगुणा रुपया दिया जाएगा.

यह रुपया राइस पूलर मैगनेट (एक धातु का थाली या सिक्का, जो चावल को खींच लेता है) के नाम पर लिया गया. राइस पूलर मैगनेट एक बक्सा में बंद होने की बात कही गई. बक्सा को नासा के वैज्ञानिक से खुलवाने के दावे किए जाते रहे. नासा से कई सौ अरब रुपए मिलने का लोभ दिया जाता रहा. रिटायर्ड शिक्षक के परिवार के इस झांसे में आकर अन्नत तिवारी और सेलुकस त्रिवेदी उन्हें रुपए देते रहे.



इस मामले में एक किरदार जीवन चन्द्र झा उर्फ सपन मुखर्जी, जो पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के धरमपुर गांव का निवासी है, जिसके ऊपर इस षड्यंत्र को रचने का आरोप है. आरोप है कि उसने पार्थसारथी पांडेय को झांसे में लेकर उससे लाखों रुपए ले लिए. पार्थसारथी पाण्डेय लोगों से पैसे लेने के लिए बैंक का एडवांस चेक काटकर देता था और भरोसा जीतता था, लेकिन पार्थसारथी वो सारा रुपया बिना किसी गारंटी के जीवन चन्द्र झा उर्फ सपन मुखर्जी उर्फ को देता था.
पुलिस के मुताबिक जीवन चन्द्र झा सात-आठ भाषा जानता है और अंग्रेजी बोलकर ग्राहकों को फंसाता था. इस गिरोह में पश्चिम बगाल के पूर्व मंत्री के पीए भी शामिल है, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्य को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 10 मोबाइल, 6 बैंक पासबुक, 9 चेक बुक, 1 एटीएम जब्त किए गए हैं. पाकुड़ से तीन, पश्चिम बंगाल से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया.

 
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