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दुर्व्यवहार का आरोप लगा पुलिस वालों ने DC के खिलाफ मोर्चा खोला

अपने ही डीसीपी के खिलाफ पाकुड़ थाने में बैठक करते पुलिसकर्मी

अपने ही डीसीपी के खिलाफ पाकुड़ थाने में बैठक करते पुलिसकर्मी

डीसी दिलीप कुमार झा पर आरोप है कि अपने निरीक्षण के दौरान पब्लिक के सामने पुलिस के बारे में अपशब्द आए दिन कहते रहते हैं जिससे अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारी अपमानित महसूत करते हैं.

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पाकुड़ में झारखंड पुलिस एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक नगर थाना परिसर में आयोजित की गई. एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिले के सभी पुलिस इंस्पेक्टर, थानेदार, एएसआई, जेएसआई शामिल हुए. बैठक में पाकुड़ डीसी दिलीप कुमार झा के दुर्व्यवहार पर विस्तृत चर्चा की गई. मुफस्सिल थाना प्रभाग के पुलिस इंस्पेक्टर अजय कुमार चौधरी ने एसोसिएशन को बताते हुए आरोप लगाया कि पिछले दिन दिनांक 17 नवम्बर को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक थी.

पाकुड़ एसपी के द्वारा बैठक में भाग लेने के लिए उनको प्राधिकृत किया गया था. उसके मुताबिक बैठक में शामिल होने गये तो डीसी दिलीप कुमार ने देखते ही बोल उठा कि तुम यहां क्या करने आये हो. तुम यहां से भागो. इंस्पेक्टर अजय कुमार चौधरी का कहना है कि वह इसके बाद डीसीपी के कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक से निकल गए. इसकी पूरी जानकारी उन्होंने पाकुड़ एसपी को दी. साथ ही इंस्पेक्टर अजय कुमार चौधरी ने झारखंड पुलिस एसोसिएशन को सूचना दी.

इसके बाद एसोसिएशन नगर थाना परिसर में आपातकालीन बैठक बुलाई और सभी बातों को सुना. इस पर एसोसिएशन ने केन्द्रीय एसोसिएशन को अवगत कराने और चरणबद्ध आंदोलन करने की निर्णय लिया. डीसीपी दिलीप कुमार झा पर आरोप है कि अपने निरीक्षण के दौरान पब्लिक के सामने पुलिस के बारे में अपशब्द आए दिन कहते रहते हैं जिससे अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारी अपमानित महसूत करते हैं. बैठक में कहा गया कि खनन विभाग के चेकपोस्ट पर खनन विभाग के लोग काम करते हैं लेकिन पुलिस पर जबरन वसूली का आरोप लगाया जाता है.



मुफस्सिल थाना के सामने स्थित चेकपोस्ट को दूसरे जगह लगाने की मांग किया गया. इसके अलावा डीसी दिलीप कुमार झा के दवारा पाकुड़ एसपी के आवास के सामने सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है जिसके कारण एसपी के निकलने की सूचना लीक हो सकती है. एसपी के सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. पुलिस कर्मियों ने इसको अविलंब हटाने की मांग की. उनका कहना है कि पाकुड़ जिला उग्रवाद प्रभावित जिला है और तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार की हत्या नक्सलियों द्वारा की जा चुकी है.
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